चंदपा साइबर क्राइम पुलिस टीम ने अगस्त में साइबर ठगी और गलत यूपीआई ट्रांसफर का शिकार हुए सात लोगों के 1.41 लाख रुपये वापस कराए हैं। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि समय से एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत मिलने से जिन खातों में रुपये गए थे, वे डेबिट फ्रीज किए गए और फिर पैरवी कर खातों में रकम वापस दिलवाई गई है।
अगस्त माह में गांव बघना के रहने वाले विनोद कुमार के खाते से 1,01,230 रुपये निकल गए थे। विनोद के अनुसार उन्हें व्हाट्सएप पर एक लिंक प्राप्त हुआ था, जिसके बाद फोन हैंग हो गया था। बाद में पता चला कि खाता ही साफ हो गया। इसी तरह गांव पैकवाड़ा के अनुज कुमार के छह हजार रुपये, सुधीर कुमार (नंगला मंशा) के 5,111 रुपये वापस कराए गए।
इनके अलावा कीर्तिमान (परसारा) के 9,768 रुपये, मोहम्मद अली (परसारा) के 5 हजार रुपये, मोहम्मद अफजाल खान (परसारा) के 9,819 रुपये और उमेश कुमार (नगला खिरनी) के पांच हजार रुपये खातों से निकले थे। एसओ योगेश कुमार व उनकी साइबर टीम ने कुल 1,41,928 रुपये वापस कराए हैं।
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस की सलाह
-किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
-अपना बैंक खाता नंबर, यूपीआई पिन, ओटीपी या सीवीवी नंबर जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर सेल की वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतना जल्दी ठगों के खाते फ्रीज कराए जा सकेंगे। इससे रकम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।