मथुरा-बरेली राजमार्ग के कस्बा मेंडू स्थित रेलवे फाटक पर रविवार सुबह से मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। इस कारण मथुरा-बरेली राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहा। वाहनों को लगभग 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मथुरा-कासगंज रेल खंड के मेंडू रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे क्राॅसिंग संख्या 301ए पर दो दिवसीय मरम्मत कार्य की शुरुआत रविवार सुबह सात बजे की गई। इसके बाद से रेलवे फाटक से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया।
यहां आने वाले वाहनों को वापस लौटना पड़ा। वाहनों को हाथरस-सासनी-कैलोरा के रास्ते लगभग 30 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ा। दूसरी ओर कई वाहनों को कस्बा मेंडू की गलियों से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अहम बात यह है कि इस रेलवे फाटक से हर रोज औसतन दो लाख 78 हजार 348 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। रेलवे कर्मियों की मानें तो यहां गिट्टी की सफाई के साथ स्लीपर साफ किए जाएंगे। इसके साथ ही यहां रबर पैड लगाए जाएंगे, ताकि वाहनों के आवागमन के दौरान रेलवे ट्रैक को सुरक्षित रखा जा सके।
कस्बा मेंडू की गलियों में लगा जाम
मेंडू की रेलवे क्राॅसिंग संख्या 301ए पर मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद ज्यादातर वाहन कस्बा मेंडू से होकर रेलवे क्रॉसिंग संख्या 299 पर पहुंचे। इस दौरान कस्बे की संकरी गलियों में आमने-सामने से वाहनों के आने के कारण जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यातायात पुलिस की लापरवाही से हुई परेशानी
रेलवे की ओर से दो दिन पहले ही स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को मरम्मत कार्य के कारण मार्ग परिवर्तन की जानकारी दी गई, लेकिन यातायात पुलिस इसे लेकर गंभीर दिखाई नहीं दी। इस कारण लंबी दूरी से आने वाले वाहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यातायात पुलिस की ओर से शहर के सासनी गेट चौराहा व कैलोरा चौराहे से वाहनों का मार्ग परिवर्तन नहीं किया गया। इससे मेंडू फाटक पर पहुंचने के बाद कई वाहनों को अपने वाहन मोड़ने को मजबूर होना पड़ा।
हम कासगंज से दाऊजी जा रहे हैं, लेकिन यहां फाटक बंद है। मोटर साइकिल नहीं निकल पाएगी, इसलिए अब लौट रहे हैं, कोई दूसरा रास्ता पता कर उससे जाएंगे। सुना है कस्बे में अंदर होकर एक रास्ता है, जिसका अब प्रयोग करेंगे।
-रामवीर कुमार निवासी बल्देव।
हाथरस जंक्शन से हाथरस शहर जाना है। अब यहां फाटक बंद है। लंबा फेरा लगाकर जाने का कोई फायदा नहीं है। अब लौटकर घर जा रहे हैं। अब दो दिन बाद शहर में आकर कुछ सामान खरीदना है।
-विजय कुमार निवासी हाथरस जंक्शन
सोरों जी से आ रहे हैं। यहां आकर पता चला है कि फाटक बंद है। अब बताया जा रहा है कि आठ किलोमीटर दूर कैलोरा चौराहे से मार्ग परिवर्तन करना होगा। अगर वहीं पता चल जाता तो दिक्कत नहीं होती, लेकिन वहां किसी ने कुछ नहीं बताया।
-अशोक सैनी निवासी दौसा (राजस्थान)
मुझे अमरपुर घना होकर रुहेरी जाना है, लेकिन अब पता नहीं किस रास्ते से रेलवे फाटक पार होगा। हमारे साथ तमाम लोग हैं। इस फाटक के बंद होने से परेशान होंगे। अब कस्बे से होकर वाहन निकालने की कोशिश करेंगे।
-सत्यपाल निवासी रुहेरी