राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में दवा लेने को बैठे मरीज
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राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाओं का टोटा है। अधिकतर दवाएं खत्म हो चुकी हैं। अस्पताल में खांसी जुकाम से लेकर बुखार तक की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। दवाएं खत्म होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 मरीज उपचार के लिए आते हैं। दवाएं न मिलने से मरीजों को निजी खर्चे पर बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। अस्पताल में तैनात चिकित्सक का कहना है कि डिमांड भेजने के बावजूद दवाएं नहीं मिली हैं।
यह दवाएं हुई खत्म
त्रिफला- पेट साफ
हिंगवाष्टक चूर्ण- पेट
योगराज गुग्ग्ल- दर्द
दर्द निवारक तेल- दर्द
आरोग्यवधर्नी वटी- कुष्ट रोग
दषमूलारिष्ठ- प्रसूतिका
राक्षासव- पेट
सुदर्शन चूर्ण- बुखार
सितोपलादि चूर्ण- जुकाम खांसी
तबियत खराब है। उपचार के लिए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर हाथरस आया हूं। यहां दवाएं ही उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरन बाहर से दवाएं खरीदनी पडेंगी।
- संदीप, मरीज
दर्द से परेशान हूं। उपचार के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सालय आई हूं। यहां दवाएं ही उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरन बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ेंगी।
- कमलेश, मरीज
दवाओं की कमी है। दवाएं मंगाने के लिए डिगांड भेज दी है, इसके बावजूद अभी दवाएं नहीं आई हैं। सीमित दवाओं में मरीजों का उपचार करने की कोशिश है।
- डॉ. अलख प्रकाश, आयुर्वेदिक चिकित्सक