हाथरस। यदि आपको बुखार है, तो आप सरकारी अस्पताल मत जाना, क्योंकि यहां आपको बुखार की दवा मिलेगी ही नहीं। जी यहां सौ आने सच है कि जिले के देहात व कस्बों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार की दवा पैरासीटामोल की खासी कमी हो गई है। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर तो यह गोली उपलब्ध ही नहीं है। मरीज निराश होकर अस्पतालों से वापस लौट रहे हैं। उन्हें मजबूरी में प्राइवेट रूप से अपना उपचार कराना पड़ रहा है।
बदलते मौसम में बुखार लोगों को लगातार जकड़ रहा है। मलेरिया, टायफायड, डेंगू व वायरल जैसे बुखार लोगों पर अपना शिकंजा कस रहे हैं, लेकिन बुखार से पीड़ित लोगों को अपने मर्ज की ही दवा सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं मिल रही। बुखार आने पर सरकारी अस्पतालों में अधिकतर रोगियों को पैरासीटामोल की टेबलेट खाने को दी जाती है, लेकिन इस दवाई के अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाहर से बुखार की दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्हें सस्ती सरकारी चिकित्सा सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सादाबाद, मुरसान, बिसावर सहित अन्य कई स्थानों के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर यह स्थिति एक दो दिन से नहीं, बल्कि पिछले कई हफ्तों से बनी हुई है।