पुलिस ने आरोपियों से की गई पूछताछ के हवाले से बताया कि मुख्य आरोपी गुलशन मूलरूप से छावा नगरिया का रहने वाला है और अभिषेक उसका दोस्त है। अभिषेक हलवाई का काम करता है और भारत उसके साथ तंदूर पर रोटी पकाने का काम करता है। पुलिस अनुसार आरोपियों ने बताया है कि मथुरा में कल्पिता की हत्या करने की साजिश रची गई थी। इसकी तैयारी भी कर ली गई थी। लेकिन मौका नहीं मिल पाया।
कल्पिता मथुरा के सरकारी अस्पताल में नर्स की प्रैक्टिस करती है। घटना वाले दिन वह ट्रेन से मथुरा से हाथरस आई, हत्यारोपी भी उसी ट्रेन से आए। स्टेशन से उतरने के बाद कल्पिता ई रिक्शा से अपने घर तहसील परिसर पहुंची, ई रिक्शा में आरोपियों को उसकी हत्या करने का मौका नहीं मिल पाया। इसके बाद ये तहसील गेट पर दो बाइकों से रेकी करते रहे। गुलशन ने कल्पिता की हत्या करने की ठान रखी थी,जिसकी वजह से तहसील के गेट पर दो बाइकों से रेकी करते रहे। उसके बाद कल्पिता की तहसील गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। तैयारी यह भी थी कि यदि गुलशन गोली मारने से चूक जाए तो अभिषेक गोली चलाएगा।
पुलिस ने बताया कि वारदात के बाद गुलशन, अभिषेक और भारत बाइक से अलीगढ़ पहुंचे और यहां गुलशन की रिश्तेदारी में कुछ देर के लिए रुके। यहां से बुलंदशहर राजघाट पहुंचे और रात में एक धर्मशाला में रुके। यहां गुलशन ने अभिषेक और भारत को पांच-पांच हजार रुपये दिए। बाद में एक नियत स्थान पर मिलने की बात कर तीनों अलग-अलग निकल गए। भारत को अभिषेक ने गुलशन से मिलवाया था और बताया था कि वह एक बाइक रेसर था। यह तेज बाइक चलाना जानता था। घटना के बाद तेजी से बाइक चलाकर भागने में मदद करेगा।
मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
हाथरस। डीएम के चालक की बेटी कल्पिता शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपी गुलशन भारद्वाज को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके चलते कई सवालों के जवाब भी पुलिस को नहीं मिल पाए हैं।
हाथरस के कल्पिता हत्याकांड में आरोपियों के पकड़ने के साथ साथ कई पहलू सामने आ रहे हैं। पांच दिन पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी नवीन ने ही कल्पिता शर्मा के आने-जाने की रेकी की थी।
पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी गुलशन भारद्वाज व नवीन में गहरी दोस्ती थी। नवीन कुमार मथुरा में एक निजी लैब में कार्य करता था। नवीन का प्रतिदिन मथुरा में आना-जाना रहता था। कल्पिता भी मथुरा में सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स काम रही थी। नवीन कुमार कई दिनों से ट्रेन में आने जाने के दौरान कल्पिता पर नजर रखे हुए था। अस्पताल तक उसकी पीछा करता था। उसके अस्पताल जाने, वहां से निकलने, ट्रेन से हाथरस और हाथरस से घर पहुंचने तक की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था व इसकी जानकारी गुलशन को देता था। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि तहसील के गेट पर गोली मारने के बाद नवीन ई रिक्शा से रेलवे स्टेशन पहुंचा और रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठकर मथुरा निकल गया था।
हत्या में दो बाइकों का किया गया था प्रयोग, एक का रंग बदला
घटना के दौरान यह बात सामने आई थी कि हत्यारोपी बुलेट बाइक पर सवार थे। लेकिन अब खुलासा हुआ है को हत्यारोपी चार लोग थे, अभिषेक और भारत अपाचे बाइक पर सवार थे। इन्होंने घटना में प्रयोग अपनी अपाचे बाइक की पहचान छुपाने के लिए बाइक का रंग ही बदल दिया था। घटना के बाद बाइक को अलीगढ़ ले जाकर सफेद रंग पर काले रंग से लेमिनेशन करा लिया था, जिससे बाइक की पहचान न हो सके।
गोली मारने के बाद गुलशन ने भारत के मोबाइल का किया था प्रयोग
कल्पिता को गोली मारने के बाद हतीसा पुल पर गुलशन, अभिषेक और भारत की आपस मुलाकात हुई। यहां से भारत ने अपना मोबाइल गुलशन को दिया था। इसके बाद भारत के मोबाइल से गुलशन सभी से संपर्क कर रहा था।