हाथरस जलेसर मार्ग, सासनी-इगलास मार्ग, बारु झींगुरा, जोगिया सहित कई मार्गों पर काफी गड्ढे हैं। कई बार इनकी मरम्मत की कवायद शुरू होकर सिर्फ कागजों में ही दम तोड़ गई।कभी बजट स्वीकृत नहीं हुआ, कभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कई गई तो कभी ठेकेदार ने मरम्मत कार्य नहीं किया।
हाथरस के मुख्य मार्ग काफी जर्जर हो चुके हैं। मार्ग पर दूर तक रोड़े, बजरी, पत्थर फैले हुए हैं। आलम यह है कि इन मार्गों पर चंद कदम तक चलना दूर्भर हो गया है। जल्दी गुजरने के चक्कर में वाहन गड्ढों में उछलकर गिर पड़ते हैं, जिससे वाहन सवारों के साथ राहगीर भी चोटिल हो जाते हैं।
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हाथरस जलेसर मार्ग, सासनी-इगलास मार्ग, बारु झींगुरा, जोगिया सहित कई मार्गों पर काफी गड्ढे हैं। कई बार इनकी मरम्मत की कवायद शुरू होकर सिर्फ कागजों में ही दम तोड़ गई।कभी बजट स्वीकृत नहीं हुआ, कभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कई गई तो कभी ठेकेदार ने मरम्मत कार्य नहीं किया। नतीजतन इन मार्गों पर बहुत संभलकर चलना पड़ता है। जरा सी नजर चूकने पर हादसा हो जाता है। इन मार्गों पर काफी संभलकर चलना पड़ता है। अब शासन स्तर से जिले में 24 सड़कों की विशेष मरम्मत की स्वीकृति दे दी गई है। इसके लिए 12 करोड़ रुपये बजट भी शासन से मिल गया है।
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16 किलोमीटर के कब बहुरेंगे दिन, 20 गांवों के ग्रामीण परेशान
हाथरस जलेसर मार्ग की बात करें तो कई वर्षों से मार्ग में गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। यहां तक इस मार्ग पर दूरी तय करने में आमजन को हिचकालों भरा सफर करना पड़ रहा है। इस मार्ग की हालत सुधारने पर किसी का ध्यान नहीं है। यह मार्ग एक लेन का है। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक है। इस मार्ग से लोग फिरोजाबाद, जलेसर की दूरी तय करते हैं। यह मार्ग लोगों को शहर से जोड़ने का काम भी करता है।
सासनी इगलास मार्ग जर्जर, आए दिन पलट रहे वाहन
सासनी से इगलास जाने वाले मार्ग पर शिलान्यास भी हो गया है। शिलान्यास के बाद आज तक इस मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। मार्ग पर आए दिन वाहन पलट जाते हैं। शनिवार को भी इस मार्ग पर एक ई-रिक्शा पलट गया। इसमें सवार लोग चोटिल हो गए। लेकिन कई माह बीतने के बाद आज तक मार्ग जर्जर हालत में है। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
गड्ढा मुक्ति अभियान के बाद भी राह सुगम नहीं
बारू झींगुरा, जोगिया मार्ग भी बदहाल हालत में चंदपा क्षेत्र के बारु झींगुरा व शहर से सटे जोगिया मार्ग भी जगह-जगह जर्जर हो गया है। इस मार्ग पर कई गांवों के लोग दूरी तय करते हैं। इस मार्ग पर गड्ढा मुक्ति अभियान के तहत मरम्मत भी कराई गई थी। इसके बाद भी मार्ग पर राह सुगम नहीं है। इस कारण लोगों को दूरी तय करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों की मरम्मत के लिए शासन से करीब 12 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - राजेश निगम, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग