फर्जी मुठभेड़ प्रकरण में बुधवार को अलीगढ़ के थाना इगलास क्षेत्र के गांव बढ़ाकलां में बुधवार को सर्वदलीय महापंचायत की गई। इसकी सूचना पर हाथरस से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए और महांपचायत में उग्र हो रहे ग्रामीणों को शांत किया। बाद में ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच चार मांगों पर सहमति बन गई, जिसके बाद महापंचायत समाप्त कर दी गई।
मुरसान में खाद व्यापारी के घर में घुसकर लूट करने के प्रयास मामले में पुलिस ने 10 अक्तूबर को मुठभेड़ में सोनू उर्फ देवा निवासी बढ़ाकलां को गिरफ्तार किया था। सोनू के पैर में गोली लगी थी। ग्रामीण मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शनिवार को थाना मुरसान और सोमवार को डीएम कार्यालय का घेराव किया था। इस मामले में पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई न होने पर 15 अक्तूबर को गांव में महापंचायत का एलान किया था। एसपी ने एसओ मुरसान और एंटी थेफ्ट टीम के प्रभारी को निलंबित कर दिया थास साथ ही डीएम ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू करा दी थी।
पूर्व घोषणा के अनुरूप बढ़ाकलां में आयोजित महापंचायत में परिजनों और ग्रामीणों के अलावा किसान संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता, जाट महासभा, जाट सभा, सपा और रालोद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
हाथरस से एडीएम डा. बसंत अग्रवाल, एएसपी अशोक कुमार, एसडीएम राजबहादुर सिंह, सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण आदि भी पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ वार्ता की। ग्रामीण डीएम और एसपी को महापंचायत में बुलाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह से समझाबुझाकर शांत किया। हंगामे की आशंका के चलते हाथरस व अलीगढ़ पुलिस गांव में तैनात रही। एसओजी, एलआईयू व आईबी की भी इस महापंचायत पर नजर रही।
पंचायत में प्रमुख रूप से रालोद जिलाध्यक्ष चौ. हंबीर सिंह, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, पूर्व विधायक डा. अनिल चौधरी, पूर्व सांसद व सपा नेता बिजेंद्र सिंह, भाकियू अराजनैतिक के मंडल महासचिव उदयवीर सिंह पहलवान, टिकैत गुट के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, चरन सिंह गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन नरेंद्र सिंह ने किया।
मांगों पर दिए गए आश्वासन
महापंचायत में पदाधिकारियों ने प्रमुख मांगें पढ़कर सुनाईं। एसडीएम ने जिन मांगों पर सहमति बनी उनकी जानकारी दी। सीओ योगेंद्र नारायण कृष्ण ने बताया कि सोनू और देवा पर दर्ज मुकदमा निरस्त कर दोनों को रिहा कराया जाएगा। युवक सोनू के रिहा होकर आने के बाद परिवार द्वारा खाद व्यापारी को एडवांस दिए गए तीन लाख रुपये वापस कराए जाएंगे। सीओ ने बताया कि एसओ और एंटी थेप्ट टीम के प्रभारी पर कार्रवाई हो चुकी है। एसडीएम के साथ वह स्वयं मजिस्ट्रियल जांच में शामिल हैं। दोषी पाए जाने पर अन्य पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी पर कार्रवाई की मांग पर कहा कि उसके दो गोदाम सील कर दिए गए हैं। यदि खाद बिक्री के दामों में भी हेर-फेर मिलती है तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।