मां के मन्दिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की अंगारी एवं जलाभिषेक करने के लिए भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने पंडितों से हवन-यज्ञ करा कर मां की प्रतिमा को प्रतिस्थापित कराया । उससे पहले बैंड-बाजों के साथ प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकाली गई ।
हाथरस के सहपऊ में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन प्रत्येक मोहल्ला में मां दुर्गा की प्रतिमाएं प्रतिस्थापित की गईं। हर घर में मां शैल पुत्री की पूजा-अर्चना की गई । धूप, दीप, लौंग, कपूर और नैवद्य के साथ लोगों ने मां शैलपुत्री का पूजन किया।
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मां के मन्दिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की अंगारी एवं जलाभिषेक करने के लिए भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने पंडितों से हवन-यज्ञ करा कर मां की प्रतिमा को प्रतिस्थापित कराया । उससे पहले बैंड-बाजों के साथ प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकाली गई । शोभायात्रा कस्बा के विभिन्न रास्तों से गुजरती हुई मां की प्रतिमा के प्रतिस्थापन स्थान पर जाकर संपन्न हुई।
रास्ते में श्रद्धालु भजन, गीत और नृत्य करते जा रहे थे। शोभा यात्राओं के साथ विभिन्न झांकियां भी निकाली गईं। प्रसिद्ध मां भद्रकाली शक्तिपीठ प्रांगण में सुबह ही पंडित सत्यम गौड ने श्रद्धालुओं के साथ हवन-यज्ञ किया। मन्दिर पर नौ दिन के लिए रामायण के अखंड पाठ का शुभारम्भ भी हुआ।