जिले के जलेसर, इगलास और सहपऊ जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों पर सरकारी बस सेवा न के बराबर होने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री जान जोखिम में डालकर डग्गेमार वाहनों या फिर दोपहिया वाहनों से सफर करने पर मजबूर हैं।
स्थानीय परिवहन व्यवस्था की पोल खोलती इस हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जलेसर रोड पर पूरे दिन में केवल तीन रोडवेज बसें चलती हैं। सुबह के समय ये बसें निकलती हैं। एक बस जलेसर होते हुए कासगंज, एक आगरा और एक दिल्ली जाती है। इसके बाद पूरे दिन इस मार्ग पर यात्रियों को रोडवेज की कोई सेवा नहीं मिलती।
यही हाल इगलास रोड का है, जहां खैर तक के लिए पूरे दिन में महज दो बसें उपलब्ध हैं। सादाबाद से सहपऊ मार्ग की स्थिति तो और भी बदतर है। इस मार्ग पर परिवहन विभाग की एक भी बस संचालित नहीं हो रही है, जिससे पूरा रूट निजी और डग्गेमार वाहनों के हवाले है।
यात्रियों की पीड़ा
जलेसर रोड पर रोडवेज बसें न होने से हम जैसे नौकरीपेशा और दैनिक यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सुबह की एक बस छूट जाए, तो फिर डग्गेमार गाड़ियों व निजी बसों के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। किराये के नाम पर भी मनमानी वसूली होती है।
-जय चरण निवासी भोपतरपुर
सादाबाद से सहपऊ और इगलास मार्ग पर बसों का न होना परिवहन विभाग की बड़ी नाकामी है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इन डग्गेमार वाहनों में लटककर सफर करना पड़ता है। सरकार को इन प्रमुख मार्गों पर तुरंत रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने चाहिए।
-राजेश निवासी लाड़पुर
उपलब्ध संसाधनों में बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण मार्गाें पर बसों का संचालन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत निजी बसों को परमिट दिए जाने की योजना है, जिससे लोगों की समस्या दूर हो सके।
-मंगेश कुमार, हाथरस डिपो प्रभारी