उमस भरी गर्मी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसकी चपेट में सबसे ज्यादा मासूम बच्चे आ रहे हैं। इन दिनों सरकारी व निजी अस्पतालों में डायरिया और वायरल बुखार के मरीजों की तादाद अचानक बढ़ गई है।
लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ उमड़ी। मेले में कुल 1532 मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक इनमें सबसे बड़ी संख्या पेट जनित रोगों से पीड़ितों की रही। अकेले उल्टी, दस्त और पेट रोग के 213 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जिनमें बच्चों की संख्या काफी अधिक रही। वायरल बुखार के 246 मरीजों का पंजीकरण किया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. पंकज शर्मा ने बताया कि उमस के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को पनपने और फैलने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण मिल रहा है। इस मौसम में वायरस हवा और सतहों पर लंबे समय तक जीवित रहते हैं, जिससे कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे जल्दी चपेट में आ रहे हैं। दूषित पानी के कारण पेट रोग के मामले सामने आ रहे हैं।
डॉक्टरों की सलाह : बरतें ये सावधानियां
सीएमओ डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है
-बच्चों को हमेशा उबला हुआ या छना हुआ साफ पानी ही पिलाएं।
-बाहर के खुले खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल और बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें।
-यदि बच्चे को उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो तुरंत ओआरएस का घोल या नमक-चीनी का पानी देना शुरू करें।
-मास्क पहन कर रहें, जिससे संक्रमण से बचा जा सके।
-शरीर में पानी की कमी न होने दें और लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।