विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय ने एक 15 वर्षीय किशोरी की हत्या के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना चंदपा क्षेत्र के गांव के निवासी एक व्यक्ति ने थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि पांच नवंबर 2018 को शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी 15 वर्षीय पुत्री दुकान से सौदा लेने गई थी। काफी समय तक वह घर वापस नहीं आई तो उन्होंने गांव में तलाश किया। मस्जिद में भी अनाउंस कराया।
उसके बाद मालूम हुआ कि लोगों ने उनकी पुत्री को गांव के ही भोला व इरफान के साथ देखा था। जब उन दोनों से उन्होंने अपनी पुत्री के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और उठकर चले गए। बाद में उनकी पुत्री का शव पुआल में दबा मिला। उसकी गर्दन और नाक से खून निकल रहा था। किशोरी के पिता ने भोला व इरफान पर पुत्री की हत्या करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी भोला व इरफान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।