अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम माधवी सिंह के न्यायालय ने आठ वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव को बोरी में डालकर फेंकने के मामले में अभियुक्त को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कस्बा सादाबाद के मोहल्ला पोखरवाला निवासी डालचंद ने अपनी आठ वर्षीय बेटी भावना के 19 अप्रैल 2018 को घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 अप्रैल 2018 को पुनः तहरीर दी, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पुत्री को मोहल्ले के विनोद के साथ उसके घर पर देखा गया। जब अगले दिन तक उनकी बेटी नहीं मिली तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस भी वहां पहुंच गई। इस दौरान एक व्यक्ति की नजर पड़ोस में रहने वाली महिला के घर की छत पर पड़ी। छत के पाइप से खून टपक रहा था।
पुलिस ने जब छत पर पहुंचकर देखा तो वहां एक बोरे में भावना की लाश मिली। आठ वर्षीय बच्ची भावना का शरीर ज्वलनशील पदार्थ से जला हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। छानबीन में यह बात सामने आई कि विनोद पुत्र सत्यप्रकाश निवासी मोहल्ला पोखर वाला का अपनी मौसी सुशीला से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मौसी सुशीला को हत्या के मामले में फंसाने के लिए विनोद ने आठ साल की बच्ची भावना का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को सुशीला की छत पर फेंक दिया था, जिससे सुशीला इस मामले में फंस सके।
पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद विनोद कुमार के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम माधवी सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी विनोद को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।