महाकुंभ में 54 बसें जाने के बाद पहले से ही परेशान चल रहे यात्रियों की दिक्कतें शनिवार से और बढ़ गईं। तीन बसें जिले से होमगार्ड को लेकर दिल्ली रवाना हो गईं। यह होमगार्ड दिल्ली विधानसभा चुनाव में ड्यूटी करने गए हैं।
सभी मार्गाें पर बसों की किल्लत और गहरा गई। बस स्टैंड के अलावा हर स्टॉपेज पर बड़ी संख्या में यात्री बसों के इंतजार में परेशान नजर आए। हाथरस डिपो के पास कुल 65 बसें हैं। इनमें से कुल 54 बसें पहले ही प्रयागराज महाकुंभ में जा चुकी हैं। इनके अलावा छह बसों को रोजाना हाथरस से प्रयागराज के बीच संचालन में लगाया गया है, जिससे सभी मार्गाें पर पहले से ही बसों की जबर्दस्त किल्लत चल रही है। यात्रियों को दो-दो घंटे के इंतजार के बाद बस मिल पा रही है।
हाल ही में डिपो को कुल चार नई बसें मिली थीं, जिससे अधिकारियों को लगा कि यात्रियों को थोड़ी राहत दी जा सकती है। इस तरह हाथरस डिपो के बेड़े में नौ बसें रह गई थीं, जिन्हें मार्गाें पर चलाकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा था, लेकिन शनिवार को तीन और बसों के होमगार्डों को लेकर दिल्ली जाने के बाद स्थिति फिर खराब हो गई। अब हाथरस डिपो के पास सिर्फ छह बसें ही रह गई हैं। दूसरे डिपो से आने वाली बसें वैसे तो शहर के अंदर आ ही नहीं रहीं। जो बसें आ भी रही हैं, वह पहले से इतनी भरी हुई हैं कि उनमें पैर रखने की जगह नहीं मिल रही। एआरएम हाथरस डिपो इरफान अहमद का कहना है कि 03 फरवरी के बाद अच्छी संख्या में बस वापस आ जाएंगी।
फिर निरस्त कर दी गई एचएडी पैसेंजर ट्रेन
हाथरस। हाथरस किला रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने वाली एचएडी पैसेंजर ट्रेन को शनिवार को लगातार दूसरे दिन निरस्त रखा गया। इससे यात्रियों का बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि एचएडी पैसेंजर ट्रेन का संचालन और कई दिन तक नहीं किया जाएगा। हालांकि ज्यादातर लोगों को ट्रेन के निरस्त होने की जानकारी पहले से ही थी, इसलिए स्टेशन पर कम ही यात्री पहुंचे। इन यात्रियों को भी मायूस होकर लौटना पड़ा। इस ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि महाकुंभ के मद्देनजर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्री उनका फायदा उठा सकते हैं।