अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय ने शहर के स्पाइसी रेस्टोरेंट में चार फरवरी 2020 को हुई 20 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
शहर के भूरापीर निवासी रामदास ने कोतवाली सदर में तहरीर देकर कहा था कि उनकी 20 वर्षीय बेटी खुशबू शहर के एक डिग्री कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसको विजेंद्र उर्फ विजय पुत्र महीपाल सिंह निवासी रायतपुर थाना इगलास जिला अलीगढ़ 4 फरवरी 2020 को शहर के स्पाइसी रेस्टोरेंट में बहला-फुसलाकर ले गया। रेस्टोरेंट में खाने का ऑर्डर देने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे उसने गला घोटकर उनकी पुत्री की हत्या कर दी।
इस मामले में को कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान व पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी विजेंद्र उर्फ विजय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियुक्त मृतका का रिश्ते लगता था मामा
हाथरस। एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता हरिओम शर्मा ने न्यायालय में तर्क दिया कि अभियुक्त मृतका का रिश्ते में मामा लगता है। अभियुक्त अभ्यासतः इस प्रकार का अपराध करता है। अभियुक्त को लड़कियों को फंसाने एवं उनकी हत्या करने की आदत है। समान प्रकृति का एक और मुकदमा अभियुक्त के विरुद्ध अलीगढ़ सत्र न्यायालय में विचाराधीन है।