उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सामान्य निर्वाचन 2025-26 के दूसरे चरण का मतदान जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार को शुरू हुआ। भारी संख्या में मतदाताओं ने पुलिस सुरक्षा के बीच सीजेएम न्यायालय परिसर में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूरे दिन में चार बूथों पर 290 अधिवक्ताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। बुधवार को भी वोट डाले जाएंगे।
दूसरे चरण में प्रदेश में 18 जिलों में मतदान हो रहा है। एक दिन पहले तक जिला न्यायालय परिसर में प्रत्याशी प्रचार में जुटे रहे थे। चुनाव प्रचार सामग्री के जरिये अपनी क्रमांक संख्या पर पहली प्राथमिकता देने के लिए प्रत्याशी व उनके समर्थक अपील करते दिखे। मंगलवार को किला गेट से न्यायालय तक जाने वाला रास्ता झंडियों व बैनरों से अटा नजर आया।
सुबह से मतदाताओं में मतदान के लिए उत्साह देखने को मिला। प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने जगह-जगह काउंटर लगा रखे थे। सीजेएम न्यायालय परिसर में केवल मतदाताओं को जाने की अनुमति थी। सुबह 10 बजे से मतदान प्रारंभ हुआ, जो कि शाम पांच बजे तक चला।
मतदान स्थलों के आसपास बैनर-पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध रहा। साथ ही शुचिता को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन, कैमरा युक्त इलेक्ट्रॉनिक गैजेट आदि प्रतिबंधित सामान अंदर नहीं ले जाने दिया गया। सीओपी कार्ड व अन्य वैध पहचान पत्र देखकर ही अधिवक्ताओं को वोट डालने की अनुमति मिली। मतपत्र पर वरीयता अंकों में दर्ज कर मताधिकार का प्रयोग किया गया।
प्रत्याशियों की अधिक संख्या ने परेशान किया
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्य पद के लिए कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस कारण बैलेट फाॅर्म काफी बड़ा है। मतदाता 25 प्रत्याशियों को क्रमवार वरीयता दे सकते हैं। प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण उनके नंबर याद रखना मतदाताओं के लिए मुश्किल हुआ, इसलिए एक वोट डालने में समय लगा। एक हजार की वोटिंग में से पहले दिन मात्र 290 ही वोट डल सके। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बंसल ने बताया कि मतदान के लिए बेहतर व्यवस्था की गईं हैं। बूथों को बढ़ाने की भी अपील की है, जिससे दूसरे दिन सभी मतदाता वोट डाल सकें। साथ ही मतदाताओं से अपील है कि वे अपनी वरीयता व प्रत्याशियों का क्रमांक याद रखें, जिससे मतदान करते समय दिक्कत न हो।