बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाने काो लेकर बैठक।
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जिले में बिना अनुमति के लाउडस्पीकर लगाने और बजाने का सोमवार को अंतिम दिन था। कोर्ट ने 15 जनवरी के बाद बिना अनुमति लगे लाउडस्पीकर हटाने के आदेश जारी किया था। अंतिम दिन गुजरने के बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारी अवैध रूप से लाउडस्पीकर लगाने वाले धार्मिकस्थलों को चिह्नित करने में जुट गए हैं। जल्द ही अवैध रूप से लाउडस्पीकर लगाने वाले धार्मिक स्थलों के संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह के अनुसार धार्मिक, सार्वजनिक व अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकरों का निरीक्षण करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की मदद से क्षेत्रवार ब्योरा जुटाया जा रहा है। जिलेभर में करीब 499 धार्मिक स्थल हैं जिन्हें पुलिस ने नोटिस जारी किया है। अब तक करीब 200 आवेदन अनुमति के लिए आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर धार्मिक स्थल हैं। पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा के बाद अनुमति दी जाएगी। एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सदर तहसील में 50 धार्मिक स्थलों के संचालकों ने उन्हें अनुमति के लिए आवेदन किया है। सभी आवेदनों को एकत्र कर अनुमति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेशों पर एडीएम प्रशासन ने पुलिस टीम को धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर लाउडस्पीकर हटाने के आदेश जारी किए हैं। अफसरों को सोमवार तक का समय दिया गया था। इसके बाद प्रशासन व पुलिस टीम धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर लाउडस्पीकर उतारने की कार्रवाई करेगी। एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी धार्मिक स्थल पर आदेशों के बाद भी लाउडस्पीकर लगा मिला तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
मैरिज होम, डीजे वालों को बैठक कर दी हिदायत
हाथरस। धार्मिक स्थलों में लगे लाउडस्पीकरों को उतारने को लेकर पुलिस और प्रशासन बेहद सावधानी बरत रहा है। रविवार को एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने सदर कोतवाली में धार्मिक स्थलों के संचालकों, मैरिजब होम और डीजे वालों के साथ बैठककर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर न लगाने की सख्त हिदायत दी। बैठक में संचालकों को लाउडस्पीकर लगाने के नियम, अनुमति की प्रक्रिया और अलग-अलग क्षेत्र में ध्वनि तीव्रता की तय सीमा के बारे में बताया। साथ ही सभी से इन नियमों के पालन की अपील भी की गई। एसडीएम सदर ने बताया कि बैठक में सभी को लाउडस्पीकर लगाने के लिए अनुमति लेने के बारे में बताया गया। लोगों को इंटरनेट से आस्था नाम के एप से प्रोफार्मा डाउनलोड करने की जानकारी भी दी गई। धार्मिक स्थलों को एक साल के लिए अनुमति दी जाएगी। इसमें स्पीकर की संख्या और क्षेत्र के हिसाब से ध्वनि तीव्रता की सीमा भी अंकित की जाएगी। डीजे और बैंड वालों को रात दस बजे तक ही अनुमति मान्य होगी। इसके बाद वह डीजे या बैंड नहीं बजा सकेंगे। जागरण आदि के लिए भी अनुमति आवश्यक होगी। बैठक में कोतवाल अनिल कुमार सिंह, एसएसआई हाथरस गेट अनिल कुमार सिंह और सदर कोतवाली के एसएसआई राकेश पांडेय के अलावा हाजी रिजवान, हाजी फजलुर्रहमान, अज्जू, कुर्बान अली शहजादा, सिराज राइन, मुजीबुर्रहमान, जलालुद्दीन, फरमान राइन आदि मौजूद रहे।