ब्लॉक हाथरस में बाल पोषाहार के तहत चने की दाल वितरण के लिए प्राप्त धनराशि को स्वयं सहायता समूहों के खातों के जरिए लाखों रुपये के घोटाले में अब जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हुई हैं। ब्लॉक स्तर से जांच में हीलाहवाली की जा रही है, इस कारण उच्चाधिकारियों को अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
वहीं दूसरी ओर से बिना टेंडर के लाखों रुपये की दाल खरीद की ओर से जांच अधिकारी अपनी आंखे भी मूंदे हुए हैं। आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं से दाल प्राप्ति के प्रमाण पत्र करने के बाबजूद भी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई है। वर्ष 2020 में बाल पोषाहार के तहत आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों को दाल वितरण करने के लिए शासन की ओर से धनराशि स्वयं सहायता समूहों के लिए दी गई थी।
ब्लॉक हाथरस में कई स्वयं सहायता समूहों के खातों में से धनराशि की निकासी की गई है। यहां तक कि धनराशि एक खाते से दूसरे खाते में डालकर मनमाने तरीके निकालकर बंदरवाट किया गया। केंद्रों के लाभार्थियों को दाल वितरित नहीं की गई।
वहीं दूसरी ओर जांच अधिकारियों द्वारा एक ही फर्म से जिले भर में लाखों रुपये की दाल की खरीद बिना टेंडर प्रकिया के बिंदु को दरकिनार कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद डीसी एनआरएलएम अशोक कुमार ने उसी ब्लॉक को जांच का जिम्मा सौंपा हैं, जिस ब्लॉक में यह घोटाला हुआ है। डीसी एनआरएलएम अशोक कुमार ने बातया कि ब्लॉक स्तर से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।