तत्कालीन सांसद राजेश दिवाकर ने इसका लोकार्पण भी कर दिया, लेकिन आज तक इस प्रयोगशाला का विधिवत संचालन ही न हीं हो सका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पशुपालन विभाग को पशुओं के इलाज की नई तकनीकी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला बनाई गई थी, लेकिन शासन-प्रशासन की अनदेखी से इसका संचालन नहीं हो सका। मुरसान के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरन कुटार का कहना है कि उनकी तैनाती करीब चार साल पहले हुई है।
विकास खंड कार्यालय मुरसान के निकट पशु चिकित्सालय के पास करीब चार साल पहले लाखों रुपये खर्च करके जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला के भवन का निर्माण किया गया था। तत्कालीन सांसद राजेश दिवाकर ने इसका लोकार्पण भी कर दिया, लेकिन आज तक इस प्रयोगशाला का विधिवत संचालन ही न हीं हो सका है। किसी पशु चिकित्सक तक की तैनाती नहीं हुई है। देखभाल के अभाव में भवन खंडहर होता जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 30 मई 2018 को इस प्रयोगशाला का लोकार्पण तत्कालीन सांसद राजेश दिवाकर ने किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पशुपालन विभाग को पशुओं के इलाज की नई तकनीकी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला बनाई गई थी, लेकिन शासन-प्रशासन की अनदेखी से इसका संचालन नहीं हो सका। लोकार्पण के बाद यह प्रयोगशाला अभी तक बंद पड़ी है, जबकि जिले की यह मुख्य पशु रोग निदान प्रयोगशाला है।
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प्रयोगशाला का संचालन न होने के कारण जिले के पशुओं में होने वाली बीमारियों की जांच के लिए उनके नमूने आगरा और मथुरा की प्रयोगशालाओं में भेजे जाते हैं। मुरसान के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरन कुटार का कहना है कि उनकी तैनाती करीब चार साल पहले हुई है।
पशु चिकित्सालय के पास बनी इस प्रयोगशाला का लोकार्पण भी इस दौरान हुआ था, लेकिन चिकित्सक की कमी होने के कारण अभी तक यह संचालित नहीं हो सकी है। पशुओं में होने वाली कुछ गंभीर बीमारियों की जांच के लिए इस प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया था, लेकिन प्रयोगशाला का संचालन न होने के कारण जिले भर के पशुओं में होने वाली गंभीर बीमारियों की जांच आगरा या मथुरा कराई जाती है। संवाद