जिले के राशन कोटेदारों ने खाद्यान्न और चीनी पर मिलने वाले लाभांश में वृद्धि किए जाने और मिनिमम इनकम गारंटी लागू करने की मांग के समर्थन में हाथों में ई-पॉस मशीन लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ये सभी विक्रेता ई-पॉस मशीनों को जमा कराने पहुंचे थे।
आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के बैनर तले जिले भर के उचित दर विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि उचित दर विक्रेता शासन के निर्देशों के अनुसार ईमानदारी से राशन सामग्री का वितरण कर रहे हैं। बावजूद इसके वर्षों से उनके लाभांश में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
विक्रेताओं ने बताया कि कोरोना काल में भी उन्होंने बिना रुके प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निशुल्क राशन वितरण किया। ई-पास मशीनों के माध्यम से पारदर्शी वितरण व्यवस्था को सरकार ने भी सराहा, जिसके लिए प्रदेश को भारत सरकार से प्रशस्ति पत्र मिला था।
विक्रेताओं का आरोप है कि जहां अन्य राज्यों में प्रति क्विंटल 200 से 220 रुपये तक लाभांश दिया जा रहा है, वहीं प्रदेश में अभी भी मात्र 90 रुपये प्रति क्विंटल ही लाभांश मिलता है। विक्रेताओं ने हरियाणा, गोवा, दिल्ली, गुजरात और केरल जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए इनकी तर्ज पर यूपी में भी समान लाभांश और मिनिमम इनकम गारंटी लागू किए जाने की मांग भी उठाई, ताकि बढ़ती महंगाई में उनके परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके।
विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द उचित कार्यवाही नहीं की गई तो वे 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और विधानसभा का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। मौके पर आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार, उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के जिलाध्यक्ष ललित सिसौदिया, रामसेवक दीक्षित, कन्हैयालाल शर्मा, लक्ष्मीनारायण उपाध्याय, विमल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।