मां दिल की मरीज, शव आने तक नहीं दी मौत की खबर
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ के दरौला क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में चंदपा के गांव मीतई निवासी यश चौधरी (20) की मौत हो गई। इसकी खबर यश की मां को शव के घर आने तक नहीं दी गई। पिता मुकेश के अनुसार उनकी पत्नी रेखा दिल की मरीज हैं। उनके दो बेटे हैं जिनमें यश छोटा था। इंटरमीडिएट के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
बड़ा बेटा देहरादून से बीटेक कर रहा है। यश की मां रेखा को सुबह बेटे के हादसे में सिर्फ घायल होने की खबर दी गई जिसके बाद से वे रोती-बिलखती रहीं। रात को शव आने तक बेटे की मौत की खबर उनसे छिपाई गई। पड़ोसी ने बताया कि दिल की नसों में ब्लॉकेज होने के कारण दो महीने पहले ही रेखा को स्टेंट डाले गए हैं। इस कारण उन्हें बेटे की मौत की खबर देने की हिम्मत किसी की नहीं हुई।
पिता से मेरठ में मिला था यश
गांव मीतई के व्यक्ति ने बताया कि यश पिता के पास सहारनपुर में रहा था। वहां भी उसके दोस्त बन गए थे। मेरठ के दोस्तों ने कांवड़ लेकर चलने की योजना बनाई थी और फोन कर यश को बुलाया था। कांवड़ लेने के लिए ही यश वैभव के साथ बाइक से निकला। पिता की मेरठ में ही कांवड़ यात्रा में ड्यूटी लगी थी। जब उन्हें पता लगा कि वह सहारनपुर आ रहा था तो उन्होंने फोन करके यश को मेरठ बुला लिया था। मेरठ में यश की पिता से मुलाकात भी हुई। मां को कांवड़ की बात न बताकर आने पर पिता ने नाराजगी भी जताई थी।
पिता व मां का रो-रो कर बुरा हाल
यश के पिता मुकेश चौधरी फौज से सेवानिवृत्ति के बाद पुलिस सेवा में भर्ती हो गए थे। काफी समय से उनकी सहारनपुर में ड्यूटी है। पिता को रविवार तड़के हादसे की जानकारी हुई, जिसके बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मां रेखा बेटे का हाल जानने के लिए लगातार फोन कर रही थीं लेकिन फोन पर बेटे की मौत की बात बताने की वह हिम्मत नहीं कर सके। रात को शव के घर पहुंचने पर मां बदहवास हो गईं। रिश्तेदारों ने जैसे-तैसे उन्हें संभाला। परिवार की हालत देख हर किसी की आंखें नम थीं।