सावन के अंतिम सोमवार को हाथरस जिले के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। सड़कों पर कांवड़ियों की आवाजाही तेज हो गई है। हर तरफ भोले की जय-जयकार और भजनों की गूंज है। जगह-जगह लगे शिविरों में कांवड़ियों की सेवा-सुश्रुसा की जा रही है। रविवार को मंदिरों में अनुष्ठानों की तैयारियां चलती रहीं।
मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और अंतिम सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु दही, दूध, गंगाजल, शहद, बूरा, बेलपत्र, धतूरा, चंदन और पुष्प अर्पित कर भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। शाम को फूलबंगला सजेगा, छप्पन भोग लगेगा और महादेव का मनोहारी शृंगार किया जाएगा।
आगरा-अलीगढ़ व मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार देर रात तक कांवड़ियों के घुंघरुओं की गूंज सुनाई देती रही। स्थानीय स्तर से भी युवा कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर विशेष इंतजाम किए हैं।
शहर से बाहर रोके गए भारी वाहन
सावन के अंतिम सोमवार को कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शहर में यातायात डायवर्जन लागू रहा। बड़े और मालवाहक वाहनों को नगला भुस बाईपास से मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर मोड़ा गया, जबकि अन्य भारी वाहनों को आगरा-अलीगढ़ मार्ग से वैकल्पिक रास्तों पर भेजा गया। सिकंदराराऊ, सादाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में भी वाहनों को शहर के बाहरी मार्गों से ही निकाला गया।
भैरव बाबा के मंदिरों में लगा मेला
सावन के अंतिम रविवार को जिलेभर के भैरव मंदिरों में भक्तों का मेला लगा रहा। कस्बा मेंडू स्थित प्राचीन भैरव बाबा मंदिर, अलीगढ़ रोड और गणेशगंज स्थित भैरव मंदिरों में फूल बंगला सजाया गया, बर्फ का शृंगार किया गया और छप्पन भोग लगाया गया। भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया गया। यहां देर रात तक भक्त उमड़ते रहे।