श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कांवड़ यात्रा मार्गाें की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से होगी। बड़े वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।
गौरतलब है कि 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है और तीन अगस्त को पहला सोमवार है। पहले सोमवार से तीन दिन पहले मथुरा-बरेली व अलीगढ़-आगरा हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी।
भीड़ भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों व चौराहों पर विशेष नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम से इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। यातायात पुलिस सहित करीब 700 पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे।
जिले में दो ही प्रमुख मार्ग हैं, जहां से श्रद्धालु कांवड़ लेकर जाते हैं। बदायूं के कछला घाट से कांवड़ लाने वाले यात्री कासगंज, सिकंदराराऊ व हाथरस होते हुए मथुरा की ओर जाते हैं। वहीं कुछ लोग राजघाट से भी कांवड़ लाते हैं, जो आगरा-अलीगढ़ रोड से गुजरते हैं।
इन्हें ध्यान में रखते हुए स्थल चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां शिविर लगाकर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। जिले को चार जोन में बांटकर संबंधित एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया जाएगा। साथ करीब 55 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। कैंप पर तीन शिफ्ट में करीब 200 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
कांवड़ियों के लिए बनेगा सुरक्षित पैदल मार्ग
कांवड़ यात्रियों को हादसों से बचाने और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए रूट डायवर्जन और लेन मैनेजमेंट पर विशेष काम किया जा रहा है। इसके तहत मथुरा-बरेली और आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर कांवड़ियों के लिए एक समर्पित पैदल मार्ग बनाया जाएगा।
चिकित्सा शिविर भी लगेंगे
शिवभक्तों की सुविधा के लिए कांवड़ यात्रा मार्गों पर जगह-जगह चिकित्सा शिविर लगेंगे। पीने के पानी के टैंकर और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। सड़कों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ड्यूटी चार्ट तैयार किया जा रहा है। सीसीटीवी व ड्रोन से यात्रा मार्गाें पर निगरानी रखी जाएगी।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी