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देश में है गुंडा तंत्र ः जगद् गुरू शंकराचार्य

Wed, 02 Nov 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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दीप प्रज्जवलित कर रामकथा का शुभारंभ करते जगद्गुरू शंकराचार्य, संत विजय कौशल महाराज, रामवीर उपाध्याय, सीमा उपाध्याय, विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
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कस्बा सादाबाद में एसडीएम कोर्ट बंबा के निकट रामवती भवन में बुधवार से आनंदमयी रामकथा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। महोत्सव के पहले दिन कथा सुनने के लिए पांडाल में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। 
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जगद्गुरु शंकराचार्य, परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज, लोक लेखा समिति के सभापति रामवीर उपाध्याय, जिपं अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, सीमा उपाध्याय, जिपं सदस्य रामेश्वर उपाध्याय, सतेंद्र शर्मा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर राम कथा का शुभारंभ किया। इसके बाद पूर्व मंत्री ने विजय कौशल जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

जगद्गुरु शंकराचार्य को गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। यहां शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वरम् महाराज ने कहा कि देश में लोकतंत्र नहीं डंडा तंत्र चल रहा है। लोकतंत्र तो राम राज्य में था। राम कहते थे कि जिस दिन उनके राज्य की जनता का कोई भी व्यक्ति उनके खिलाफ उठा, वह उसी दिन राजपाठ छोड़ देंगे। राम जैसा जीवन हमें जीना चाहिए, कृष्ण जैसा नहीं।
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उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी से कम नहीं है, अगर भारतीय सेना को पूरी छूट दी जाए और राजनीतिक रोटियां सिकनी बंद हो जाएंगीं। तभी पाकिस्तान का हश्र बुरा होगा। परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि हम अपने नित्य कर्म में पंच देवों की उपासना किया करते हैं। जिसमें सर्वप्रथम भगवान गणेश, भगवान शिव, मां पार्वती भगवान विष्णु और सूर्य नारायण।

कथा के महात्म में महाराज जी ने बताया कि कथा क्यों सुने, जिनको भी भगवान का दर्शन हुआ है, वह कथा से ही हुआ है। इसलिए हम सबको पहले कथा ही सुननी पड़ेगी। कथा सुनकर के ही विभिषण के मन में भगवान के प्रति आस्था जगी। इसीलिए भगवान राम से विभिषण मिले।

कथा स्थल पर पत्थर के हाथी आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। इस मौके पर मुनेश कौशिक, रमेश गौतम, बीएस उपाध्याय, सुभाष शर्मा, रानू शर्मा, पं. जितेंद्र स्वरूप उर्फ फौजी, पं. सुरेशचंद्र मिश्राचार्य, गुरूदत्त भारती, अनुज तिवारी, लवकुश शर्मा, अरुण शर्मा सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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