बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली की शिकायत
क्रासर
प्रशासन और विभागीय अधिकारियों में मची खलबली
अधिकारियों ने जारी किए आदेश, बेरोजगार सिर्फ डूडा दफ्तर में कराएं पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। डूडा कार्यालय में बेरोजगारों के पंजीकरण कराए जाने के जाने के नाम क्षेत्र में अवैध रूप से वसूली करने की सूचना से विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। क्षेत्र में कार्मिकों के पंजीकरण के नाम से कुछ लोगों द्वारा 20-20 हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। अब विभाग की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शहरी आजीविका केंद्र की ओर से रजिस्टे्रशन के लिए कोई भी कर्मचारी क्षेत्र में कार्यरत नहीं है। विभाग ने यह भी आदेश जारी किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर रोजगार मुहैया कराने के नाम पर शुल्क की मांग करता है, तो उसकी सूचना डूडा विभाग को दी जाए।
शासन के निर्देशों पर जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा संचालित दीन दयाल अंत्योदय, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहरी आजीविका केंद्र शहरी गरीबों को विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों में कामगारों की आवश्यकतानुसार दिए जाते हैं। इस क्रम में बेरोजगार लोगों के पंजीकरण डूडा विभाग में किए जा रहे हैं, जिसका निर्धारित शुल्क 200 रुपये है। इसकी रसीद विभाग की ओर से लाभार्थी को दी जाती है। अब इस पंजीकरण को कराए जाने के नाम पर बेरोजगारों से 20-20 हजार रुपये की वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत कई बेरोजगारों ने डूडा कार्यालय में मौखिक रूप से की है। हैरत की बात तो यह है कि इस तरह की वसूली की शिकायत कुछ अधिकारियों द्वारा विगत में भी कार्यालय में की गई है। अब इस मामले के सामने आने के बाद विभागीय अधिकारी सचेत हो गए हैं। एडीएम अशोक कुमार शुक्ला और परियोजना अधिकारी डूडा ने यह स्पष्ट किया है कि शहरी आजीविका केंद्र डूडा की ओर से कोई भी कर्मचारी फील्ड में कार्यरत नहीं है। किसी भी बाहरी असामाजिक व्यक्ति द्वारा कोई भी शुल्क रोजगार मुहैया कराने के लिए मांगा जाता है तो उसकी शिकायत डूडा विभाग में करें। किसी भी व्यक्ति को कोई शुल्क नहीं दें।