गांव ततारपुर में महिलाओं को जागरूक करतीं समूह सखियां। स्वयं
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ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठुलई, छौंक और ततारपुर गांवों में एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने और छोटे कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।
इसमें महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और बचत की आदत विकसित करने के उपाय बताए जा रहे हैं। उन्हें उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने की जानकारी भी दी जा रही है। संकुलों से जुड़ी महिलाएं डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण और हस्तशिल्प जैसे लघु उद्योगों के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।
अभियान से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि आर्थिक मजबूती के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और समूह आधारित उद्यमों की जानकारी दी जा रही है। सामूहिक प्रयासों से गांवों की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
ठुलई की आशा ने बताया कि वे गांव की महिलाओं को घर तक सीमित न रहने के लिए समझा रही हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर छोटा कारोबार शुरू करने की सलाह दी, जिससे परिवार की आय बढ़े। छौंक की उर्मिला ने भी घर-घर जाकर महिलाओं को बचत और मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।