सादाबाद विधायक व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का कहना है कि वह विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले यह फैसला लेंगे कि उन्हें किस राजनीतिक दल में शामिल होना है। इसके लिए वह अपने समर्थकों व क्षेत्र की जनता से भी काफी विचार-विमर्श करेंगे। उपाध्याय अपने निवास पर अमर उजाला से वार्ता कर रहे थे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके बारे में जिस तरह की चर्चाएं उड़ाई जा रही हैं कि वह जल्द ही विधानसभा सदस्य से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होकर फिर दोबारा उप चुनाव लड़ेंगे, वह पूरी तरह से निराधार है। उपाध्याय ने कहा कि वह दलबदलू नहीं हैं। हाथरस जिले की तीनों विधानसभा सीटों से एमएलए चुने जा चुके हैं। बसपा को उन्होंने खुद नहीं छोड़ा, बल्कि पार्टी ने ही उन्हें निलंबित किया है। उपाध्याय ने यह खुलासा किया कि भाजपा के साथ साथ कई अन्य दलों के बड़े नेता भी उनसे संपर्क कर रहे हैं और अपने दल में उन्हें शामिल करना चाहते हैं, लेकिन अभी उन्होंने कोई फैसला नहीं लिया है। वह विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले ही इस बारे में फैसला लेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के समय पर भी उन्हें कई पार्टियों से चुनाव लड़ने का ऑफर मिला, लेकिन वह चुनाव नहीं लड़े। भाजपा को लोकसभा चुनाव में परोक्ष रूप से समर्थन पर उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रत्याशी उनके पास आया तो आखिर वह उससे कैसे मना कर देते। वह भाजपा की किसी सभा में नहीं गए। उन्होंने यह भी कहा कि निलंबन के बाद आज तक उनकी बसपा नेतृत्व से वार्ता नहीं हुई। अपनी बीमारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं, बीच में सोडियम की कमी होने से वह अस्वस्थ हो गए थे। इलाज के बाद पूरी तरह से फिट हैं। लगातार क्षेत्र में जन संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाथरस जिले में उनसे ज्यादा विकास कार्य किसी नहीं कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि योगी जी काफी अच्छे मुख्यमंत्री हैं और जनता की समस्याओं को काफी गंभीरता से निपटा रहे हैं। वह भी सीएम से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मिले थे।