डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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एसआईटी की जांच में फंसे 71 शिक्षकों के खिलाफ बीएसए ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है। वहीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। बीएसए ने दो दिन पहले तहरीर दी थी। इस मामले में मुकदमा अब दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद इन शिक्षकों में खलबली मच गई है। वह अब बचाव की जुगत में लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2005 में बीएड करने वाले जिले के 71 शिक्षक-शिक्षिकाएं एसआईटी की जांच में फंस गए हैं। इन सभी के खिलाफ पिछले महीनों में बीएसए ने शासन के निर्देश पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की थी।
इसके बाद यह सभी न्यायालय की शरण में चले गए थे। न्यायालय ने इनको राहत देते हुए बीएसए के सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगा दी थी और फिर बीएसए ने इन्हें स्कूलों में तैनाती दे दी। इन सभी के रिकॉर्ड को एसआईटी ने जब्त कर लिया था।
अब पिछले दिनों उच्च अधिकारियों द्वारा फर्जी और टैंपर्ड शिक्षकों पर कार्रवाई को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। फर्जी शिक्षकों इसकी भनक लगी थी तो उनमें खलबली मच गई थी। बीएसए ने 71 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली हाथरस गेट में तहरीर दे दी थी।।
यह सभी एसआईटी की जांच में फंसने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं। इनके अलावा दो अन्य के खिलाफ भी तहरीर दी गई है। इन पर भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है। हाथरस गेट एसएचओ मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है।