शादी में करीब 18 लाख रुपये नकद और घरेलू सामान दिया गया था। पति, सास, ससुर दान-दहेज से संतुष्ट नहीं थे और आए-दिन बेटी को प्रताड़ित करते थे। यह सभी लोग एक कार व दो लाख रुपये की मांग करते थे। इन सभी लोगों ने मिलकर बहू की हत्या कर दी।
सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास व ससुर को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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जनपद आगरा के थाना बरहन क्षेत्र के गांव सुजानपुर निवासी नरेंद्र शाह ने 15 जुलाई 2019 को थाना सादाबाद में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि उनकी पुत्री अंशू की शादी 22 अप्रैल 2015 को ग्राम वेदई में कौशलेंद्र सिंह के साथ हुई थी। शादी में करीब 18 लाख रुपये नकद और घरेलू सामान दिया गया था। पति कौशलेंद्र, सास रूपेश देवी, ससुर केदार सिंह उनके द्वारा दिए गए दान-दहेज से संतुष्ट नहीं थे और आए-दिन बेटी को प्रताड़ित करते थे।
यह सभी लोग एक कार व दो लाख रुपये की मांग करते थे। इन सभी लोगों ने मिलकर उनकी पुत्री अंशु की 14 व 15 जुलाई 2019 की रात्रि को हत्या कर दी। इसकी सूचना उन्हें मोबाइल पर मिली। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी पति कौशलेंद्र, सास रूपेश देवी, ससुर केदार सिंह को दोषी करार दिया।