सादाबाद कस्बा के एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद हुई प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका के पति ने हॉस्पिटल लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। मेडिकल जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई है।
नगला गरीबा निवासी गौरव गौतम ने बताया कि पत्नी डौली गौतम को प्रसव पीड़ा होने के बाद वह 27 मार्च को करीब 6:00 कस्बे के एक निजी अस्पताल में लेकर आया था। महिला डॉक्टर ने देखभाल कर उसकी पत्नी को भर्ती कर लिया और आश्वासन दिया कि डिलीवरी सामान्य रूप से हो जाएगी। पत्नी का उपचार शुरू हो गया। हॉस्पिटल प्रशासन ने बिना किसी सूचना के डौली का ऑपरेशन कर दिया।
28 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे पत्नी ने पुत्री को जन्म दिया। काफी मिन्नतें करने और कहने के बाद भी हॉस्पिटल प्रशासन ने परिवार के किसी भी सदस्य को पत्नी से नहीं मिलने दिया। 29 मार्च की रात करीब 2 बजे हॉस्पिटल प्रशासन ने एंबुलेंस बुलाकर पत्नी को आगरा भेजने की तैयारी की। पत्नी का शरीर नीला पड़ा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। आगरा में एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने एंबुलेंस में ही पत्नी को मृत घोषित कर दिया। यह भी जानकारी दी थी कि महिला की मौत कई घंटे पहले हो चुकी है। इसके बाद पत्नी का पोस्टमार्टम कराया गया।
गौरव गौतम का आरोप है कि उसकी पत्नी डौली गौतम की मौत हॉस्पिटल प्रशासन की लापरवाही और कमी के कारण हुई है। इसलिए हॉस्पिटल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रभारी निरीक्षक लोकेश सिंह भाटी ने बताया है कि इस मामले में तहरीर मिल गई है। जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई हैं। जांच के बाद ही मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।