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Hathras: 1.49 करोड़ बकाया, मंडी समिति ने खड़े किए हाथ, आवंटी खुद चुकाएं नगर पालिका का गृहकर व जलकर

Sat, 21 Feb 2026 10:52 AM IST
चमन शर्मा कमल वार्ष्णेय, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जो भवन उनके उपयोग में आ रहे है, वे केवल उसी का किराया देंगे। इसके अतिरिक्त आवासीय भवन कर्मचारियों को और दुकानें व गोदाम व्यापारियों को आवंटित हैं। इन जगहों का कर आवंटियों से ही वसूला जाए।
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हाथरस मंडी समिति - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस नगर पालिका परिषद ने मंडी समिति पर गृहकर व जलकर का 1.49 करोड़ रुपये का बकाया निकाला है, लेकिन इसकी अदायगी करने से मंडी प्रशासन ने साफ इंकार कर दिया है। लगातार हो रहे पत्राचार के क्रम में मंडी प्रशासन ने अब आवंटियों की सूची उपलब्ध कराकर गेंद नगर पालिका के खेमे में डाल दी है। अब नगर पालिका प्रशासन आढ़ती व अन्य आवंटियों पर कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करेगा।

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नए परिसीमन में कृषि उत्पादन मंडी समिति हाथरस भी नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हो गई है। पालिका ने वर्ष 2024-25 और 2025-2026 का मंडी पर कुल 1.49 करोड़ रुपये का बकाया निकाला है। पिछले वर्ष मार्च में मंडी प्रशासन ने 18,00,568 रुपये बतौर टैक्स पालिका में जमा कराए थे और मांग बिल में संशोधन की मांग की थी।

मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि जो भवन उनके उपयोग में आ रहे है, वे केवल उसी का किराया देंगे। इसके अतिरिक्त आवासीय भवन कर्मचारियों को और दुकानें व गोदाम व्यापारियों को आवंटित हैं। इसके अतिरिक्त चार एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश राज्य भंडार निगम को 90 साल के पट्टे पर दी गई है, इसलिए इन जगहों का कर आवंटियों से ही वसूला जाए।

हम समय से मंडी को किराया देते हैं। साथ ही व्यापार पर डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क व सेस देते हैं, इसलिए मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है हमें सुविधा मुहैया कराने की। नगर पालिका की सेवाएं यहां व्यापारियों को नहीं मिल रही हैं। व्यापारियों पर टैक्स थोपना गलत है।-योगेश वार्ष्णेय, आढ़ती

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मंडी में व्यापारियों को नगर पालिका परिषद की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही है। किराया व व्यापार कर हम लोग पहले ही दे रहे हैं। ऐसे में नगर पालिका का टैक्स व्यापारियों पर थोपना न्यायोचित नहीं है।-विनोद शर्मा, आढ़ती
मंडी प्रशासन ने आढ़तियों की सूची उपलब्ध करा दी है। इस संबंध में विधिक राय लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नगर पालिका के कोष में गृह व जलकर जमा होना चाहिए।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
जो जगह मंडी प्रशासन आवंटित कर चुका है, उस पर आवंटी ही पालिका के कर का भुगतान करेंगे। आवंटियों की सूची नगर पालिका को उपलब्ध करा दी गई है। हम समय से अपने प्रयोग में आ रहे परिसर का गृह व जलकर दे रहे हैं।-गौरव सिंह, मंडी सचिव

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मंडी प्रशासन ने भेजी आवंटियों की सूची
लगातार पत्राचार के बाद भी नगर पालिका को जब कर नहीं मिला तो मंडी प्रशासन से आवंटियों की सूची मांगी गई थी। यह सूची नगर पालिका को उपलब्ध करा दी गई है। दुकानों की श्रेणी, माप व आवंटी के नाम के साथ यह सूची दी गई है, जिसके अनुरूप पालिका आढ़तियों पर कर निर्धारण करेगी। नगर पालिका में ए श्रेणी की गल्ला दुकानें 41, बी की 76 तथा सी की 125 हैं। सब्जी मंडी में बी श्रेणी की 20 और सी श्रेणी की 30 दुकानें हैं। 28 आवास हैं, जो कर्मचारियों को आवंटित हैं।

मंडी केवल इन भवनों का देगी कर
मंडी प्रशासन का तर्क है कि वर्तमान में उनके प्रयोग में केवल कार्यालय भवन, चेक पोस्ट, गोदाम, मंडी की खाली भूमि, किसान विश्राम गृह, ओवरहेड टैंक, नलकूप, वे-ब्रिज व पांच दुकानें हैं। मंडी अधिकारियों ने नगर पालिका से इन्हीं भवनों का मांग बिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

किराया, मंडी शुल्क के साथ अब टैक्स भी देंगे
मंडी समिति के पत्र के जवाब में नगर पालिका ने आवंटियों की डिटेल मांगी है। साथ ही साफ किया है कि यदि भविष्य में स्वामित्व आदि का विवाद उठता है तो मंडी प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। मंडी प्रशासन सूची तैयार करने में जुट गया है। इससे साफ है कि अब तक किराया व डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क व सेस देने वाले व्यापारियों को अब नगर पालिका का टैक्स भी चुकाना होगा।
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