नायब तहसीलदार सिकंदराराऊ की गाड़ी को घेरकर खड़े परिजन व अन्य। संवाद
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हादसे की जानकारी मिलते ही सुभाष के बड़े बेटे संदीप अपने छोटे भाई के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। इमरजेंसी में सोनू लहूलुहान हालत में पड़ा था। वहां मौजूद स्टाफ से पिता व बेटे के बारे में पूछा तो उनके होश उड़ गए। वे इमरजेंसी में ही पछाड़ खाकर गिर पड़े। पुलिस ने जैसे तैसे उन्हें संभाला। पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम बेटे व पिता का शव देख संदीप व उनका भाई आपा खो बैठे।
संदीप यकीन नहीं कर पा रहे थे कि उनका कलेजा का टुकड़ा जो कुछ देर पहले उनकी गोद में खेल रहा था, उनसे चाऊमीन की जिद कर रहा था वह नहीं रहा। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सासनी तहसील के कानूनगो देवीशरण शर्मा व उनके क्षेत्र के लेखपाल नरेंद्रपाल दोनों को सांत्वना देते नजर आए।
थोड़ा संभलने के बाद रोते हुए संदीप ने बताया कि दक्ष उनका बड़ा बेटा था। उससे छोटी बेटी है, जो तीन साल की है। संदीप ने बताया कि बेटा चाऊमीन खाने की जिद कर रहा था। वह बाबा के साथ मोपेड से सलेमपुर चला गया। नजदीक बाजार सलेमपुर का ही है और दिन में वहां के कई बार चक्कर लगते हैं। घर से दोनों गए तो थे, लेकिन लौटकर उनके जाने की खबर आई।