हादसे के बाद रात को मृतकों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए थे। यहां काफी भीड़ रही। बिलखते परिजनों को रिश्तेदार समझाते नजर आए। यहां परिचालक अर्जुन के शव का रात में ही पोस्टमार्टम हो गया था। अर्जुन का शव देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अर्जुन का सिर बुरी तरह कुचल गया था। इसके अलावा हाथ-पैर व कूल्हा सहित कई जगहों की हड्डियां टूट चुकी थीं। औपचारिकताएं पूर्ण न होने के कारण महाराज सिंह निवासी कृष्णा धाम कॉलोनी इगलास अड्डा के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को हुआ। उनकी मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव व ब्रेन हेमरेज होना आया है। दोपहर को शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके दो बेटे व दो बेटियां हैं।
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पहली बार बस पर आए थे परिचालक अर्जुन
गांव समामई के निकट दुर्घटनाग्रस्त हुई अलीगढ़ डिपो की बस वर्ष 2016 से अनुबंध पर थी। बस मोहम्मद यामीन निवासी सिकंदराराऊ के नाम है। उनके मुनीम राजू ने बताया कि परिचालक अर्जुन बुधवार को ही पहली बार बस पर आए थे। उनसे फोन पर भी बात हुई थीं।
उन्होंने बताया कि बुधवार को बरेली से लौटने के बाद वह अलीगढ़ रुके थे। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह फिर बरेली के लिए निकल गए थे, लेकिन सवारियां न होने के कारण बस बदायूं से ही वापस आ गई थी। यह बस अलीगढ़ से बरेली और बरेली से अलीगढ़ और फिर हाथरस का एक चक्कर लगाती है। हाथरस जाने का समय शाम छह बजे का है, लेकिन जल्दी आने के कारण वह शाम सवा चार बजे ही बस लेकर हाथरस के लिए निकल गए।
इधर, मृतकों और घायलों को मुआवजा देने की कार्यवाही पूरी करने के लिए हाथरस डिपो के कर्मचारी जिला अस्पताल पहुंचे। वहां घायलों के परिजनों से फाॅर्म भरवाए व अन्य औपचारिकताएं पूरी कराईं। डिपो प्रभारी मंगेश ने बताया कि परिचालक की ईटीएम व बैग नहीं मिला है। जेब से टिकट के रुपये बरामद हो गए थे।
रोडवेज बस मालिक के मुनीम ने बताया कि बस पर हरीश निवासी बाजिदपुर चालक थे। वह भी घायल हुए हैं। उनसे फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि टैंकर लहराते हुए सामने से आ रहा था। काफी बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसने परिचालक साइड में टक्कर मार दी। बस पलटते ही वह बेहोश हो गए थे। उनके सीने, सिर व पैर में गंभीर चोट आई हैं। उनका प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे के बाद इनका मोबाइल व सामान वहीं रह गया था।
परिवहन विभाग से मिलेगा मृतक व घायलों को मुआवजा
हाथरस जिले की प्रभारी मंत्री बेबीरानी मौर्य शुक्रवार को घायलों का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती घायल सगीर व सुखवीर से बात की और हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मृतक व घायलों को परिवहन विभाग की तरफ से मुआवजा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि व्यस्क मृतकों के परिजनों को 7.50 लाख रुपये और बच्चे के परिजनों को 3.75 लाख रुपये दिए जाएंगे। गंभीर रूप से घायल लोगों को 25-25 हजार रुपये और घायलों को दस-दस हजार रुपये मिलेंगे। अस्पताल में संसाधनों के सापेक्ष चिकित्सकों की कमी के सवाल पर उन्होंने डिप्टी सीएम से मिलकर इस समस्या को दूर कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान डीएम, एसपी, सीएमओ, सीएमएस, एसडीएम सदर व सीओ सिटी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री के पहुंचने से पहले जिला अस्पताल में साफ-सफाई कराई गई। अस्पताल के बाहर से प्राइवेट एंबुलेंस हटवाई गईं और सफाई कराई गई।