सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हादसे की सूचना के बाद अफरा-तफरी मच गई। यहां वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट व चिकित्सक तैयारी करने लगे। एक के बाद एक आने वाले घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। जानकारी मिलते ही डीएम अतुल वत्स ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट किया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सीएमओ व सीएमएम ने टीम को मुस्तैद किया। ऑर्थो सर्जन डाॅ. गोपाल वर्मा को इमरजेंसी में लगाया गया। ईएमओ के साथ पैरामेडिकल स्टॉफ ने प्राथमिक उपचार दिया। यहां से मुकेश देवी व नाजमा को गंभीर हालत में रेफर किया गया। भीड़ के कारण दोनों ही जगह गहमागहमी रही।
जिला अस्पताल में मची चीख-पुकार
हादसे के काफी देर बाद सभी मृतकों की पहचान हो सकी। पहचान होने के बाद इनके परिजनों को खबर की गई। परिजन अपनों की तलाश में जिला अस्पताल पहुंचे, जहां शव को देख चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार व परिचित उन्हें संभालते नजर आए।
पति की अस्पताल से कराई थी छुट्टी
हाथरस के इगलास अड्डा की रहने वाली मुकेश देवी अपने पति महाराज सिंह को दो दिन पहने अलीगढ़ के अस्पताल ले गई थीं। लिवर में पस पड़ने के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार की दोपहर पति को छुट्टी मिल गई थी। लिहाजा दोनों बस से वापस लौट रहे थे। रास्ते में हुए हादसे में उपचार के दौरान महाराज सिंह की मौत हो गई। यहां परिजन उनके आने का इंतजार कर रहे थे। हादसे की जानकारी हुई तो वे जिला अस्पताल पहुंच गए। पहले मुकेश देवी अस्पताल आईं, जिन्हें देख बेटा फफक-फफककर रोने लगा। काफी देर तक वह पिता को खोजता रहा। बाद में पिता को सासनी से जिला अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में घायल खेमचंद्र निवासी धनौटी सादाबाद को उपचार के लिए लाया गया। उनके चेहरे पर चोट थी और दोनों हाथों में कांच लगे थे। उसने बताया कि वह टैंकर का चालक है। वह शराब के नशे में धुत था और अनर्गल बातें कर रहा था। टैंकर के चालक के शराब के नशे में होने की बात पर एसपी चिरंजीवनाथ ने छानबीन के बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराने की बात कही।
पहिये के नीचे आया अमरूद विक्रेता
इस भयंकर हादसे में सोनू (52) पुत्र रमेशचंद्र निवासी हरीनगर सासनी की भी मौत हो गई। सोनू अमरूद बेचते थे। हादसे के समय वह सड़क किनारे अमरूद लेकर खड़े थे। इतनें में ही वह दोनों वाहनों की चपेट में आ गए। बस का पहिया उनके ऊपर चढ़ गया। थोड़ी दूर पर ही उनका बेटा अमरूद बेच रहा था, जो चीखता-चिल्लाता भागा। पिता को बस के नीचे दबा देख वह सड़क पर बिलखने लगा और लोगों से पिता को बचाने की गुहार लगाने लगा।
प्रत्यक्षदर्शी बोला-लहराता हुआ आ रहा था टैंकर
हाथरस जिला अस्पताल में पहुंचे चंदपा क्षेत्र के गांव अल्हैपुर के चारों घायल घटनास्थल से सीधे यहां आए थे। हादसे के समय पीछे हाथरस की ही एक एंबुलेंस आ रही थी। वह चालक उन्हें बैठाकर सीधे यहां ले आया। चारों को हल्की चोटें ही थीं। इनमें सुरक्षित मुख्तियार (35) ने बताया कि वह बस में पीछे बैठे हुए थे। उन्होंने इतना देखा कि सामने से टैंकर लहराता हुआ आ रहा था। इधर, बस के चालक ने आगे चल रही बाइक को ओवरटेक किया। टैंकर बस की साइड से ही घुसा चला आया। इस पर चालक ने बचने के लिए बस को दूसरी साइड में ले लिया, लेकिन तब तक टैंकर परिचालक की तरफ से बस में घुस गया। मुख्तियार ने बताया कि एक पल के लिए वे भी होश खो बैठे थे। जैसे-तैसे खुद को संभाला और बस के पिछले हिस्से से बाहर कूदे। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो चुका था।