फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक: तिरपाल के नीचे हुआ होमगार्ड का अंतिम संस्कार, चिता को बारिश से बचाने को तिरपाल ताने खड़े रहे लोग

Sat, 08 Aug 2026 01:03 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

तिरपाल में अंत्येष्टि का यह पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह हाथरस जंक्शन के ही गांव बरौली में तिरपाल में अंतिम संस्कार किया गया था। उससे पहले नौ जुलाई को गांव सोखना में दो महिलाओं के शवों का अंतिम संस्कार तिरपाल में हुआ था। 
विज्ञापन
तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाथरस जंक्शन की रम नगला पंचायत के गांव धौलाकुआं में होमगार्ड के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार को बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ा। टिनशेड न होने के कारण ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक तिरपाल लिए चिता को भीगने से बचाते रहे। बारिश थमने के बाद बेटे ने मुखाग्नि दी। अव्यवस्था पर ग्रामीण प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कोसते नजर आए। 

विज्ञापन


होमगार्ड हरी सिंह (52) हाथरस में तैनात थे। रात को ड्यूटी करने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह वह घर आए थे। आराम करने के दौरान अचानक उनकी मौत हो गई थी। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम को परिजन शव घर लेकर पहुंचे। घर से श्मशान पर पहुंचते ही बारिश शुरू हो गई। 

ग्रामीणों ने आनन-फानन तिरपाल की व्यवस्था की। तिरपाल के नीचे ही चिता लगाई गई। बारिश थमने तक ग्रामीण तिरपाल लेकर चिता को बचाने में जुटे रहे। बेटे जयदेव ने बताया कि गांव में श्मशान नहीं है। रम नगला में श्मशान है, लेकिन उसके लिए रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। कई साल से लोग ढकपुरा-दादनपुर की जमीन पर अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। अब यह क्षेत्र नगर पालिका परिषद हाथरस की सीमा में आ गया है। इस श्मशान पर केवल धौलाकुआं के लोग ही अंतिम संस्कार करते हैं। ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र के बीच मामला फंसने के कारण इस श्मशान का विकास नहीं हो पा रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में श्मशान की भूमि पर कब्जा
रम नगला के प्रधान अमित कुमार ने बताया कि गांव धौलाकुआं में श्मशान की भूमि उपलब्ध है, लेकिन उस पर वर्षों से कब्जा है। ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए दादनपुर क्षेत्र में ही जाते हैं। रम नगला स्थित श्मशान में भी टिनशेड की व्यवस्था नहीं है। कई बार विभाग में संपर्क किया गया, लेकिन कभी पर्याप्त जगह की कमी तो कभी कोई बहाना लगाकर प्रस्ताव ही तैयार नहीं होता। 

पहले भी सामने आए मामले 
तिरपाल में अंत्येष्टि का यह पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह हाथरस जंक्शन के ही गांव बरौली में तिरपाल में अंतिम संस्कार किया गया था। उससे पहले नौ जुलाई को गांव सोखना में दो महिलाओं के शवों का अंतिम संस्कार तिरपाल में हुआ था। 
अंत्येष्टि स्थल चिह्नित किए जा रहे हैं। इनके जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। जैसे-जैसे बजट पास हो रहा है, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। गांव रम नगला की समस्या को दिखवाकर उसे दूर कराया जाएगा। -राकेश बाबू, जिला पंचायतराज अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें