गांव गिलोंदपुर निवासी पंजाबी सिंह ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि करीब 30 वर्ष पहले उनके पिता बुद्ध सिंह की हत्या उनके दो भाइयों सहित नामजदों ने कर दी थी। मकान में गड्ढा खोदकर शव को गाड़ दिया था। बाद में वह नर कंकाल खुदाई में निकला था।
हाथरस के थाना मुरसान अंतर्गत गांव गिलोंदपुर में खोदाई में नर कंकाल निकलने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जय हिंद कुमार सिंह के न्यायालय में शिकायतकर्ता ने मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए 4 जून की तिथि नियत है।
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गांव गिलोंदपुर निवासी पंजाबी सिंह ने थाना मुरसान में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि करीब 30 वर्ष पहले उनके पिता बुद्ध सिंह की हत्या उनके दो भाइयों प्रदीप कुमार, मुकेश उर्फ खन्ना सहित नामजदों ने कर दी थी। मकान में गड्ढा खोदकर शव को गाड़ दिया था। वह उस समय बच्चे थे। कुछ दिन बाद धीरे-धीरे वह उस बात को भूल गए।
उन्होंने कहा है कि वह आज भी अच्छी तरह बता सकते हैं कि उनके पिता को इन लोगों ने मारकर किस स्थान पर दफनाया था। 26 सितंबर 2024 को पुलिस एवं प्रशासन ने पंजाबी सिंह के मकान की खोदाई कराई। खोदाई में नर कंकाल मिला। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। पंजाबी सिंह ने इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने पिता की हत्या करके शव को दफनाने की रिपोर्ट नामजदों के विरुद्ध दर्ज कराई थी।
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इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। आरोप है कि मुकदमे में नामजद दो आरोपी उन्हें जान-माल के नुकसान की गंभीर धमकियां दे रहे हैं। वह पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूर्व में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस डीएनए रिपोर्ट न आने का बहाना बना देती है और जानबूझकर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। उन्होंने मुकदमे की विवेचना न्यायालय की निगरानी में कराए जाने और विवेचक को केस डायरी सहित तलब किए जाने की मांग की है।