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25 साल से निर्विरोध चुना जाता है गांव बामौली का प्रधान

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रवि शर्मा, मुरसान।
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प्रधान पद की काफी प्रतिष्ठा है और इसके लिए चुनाव में खासी खींचतान भी होती है, लेकिन मुरसान के गांव बामौली में पिछले 25 साल से इस पद के लिए मतदान नहीं हुआ। यहां आम सहमति से प्रधानी निर्विरोध हो जाती है। लेकिन इस बार छह लोगों ने प्रधान पद के लिए नामांकन किया है। हालांकि गांव के लोग अभी भी यही चाहते हैं कि आपसी सहमति बन जाए और मतदान न हो।
मुरसान का गांव बामौली पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का पैतृक गांव है। जब रामवीर उपाध्याय की राजनीति में एंट्री हुई तो उन्होंने गांव में यह परंपरा शुरू कराई कि ग्राम प्रधान निर्विरोध चुना जाए। ग्रामीणों की चुनाव से पहले ही पंचायत हो जाती और यह तय हो जाता कि किसे प्रधान बनाना है। इस बार हालात अलग हैं। छह लोगों ने प्रधानी के लिए पर्चा दाखिल कर दिया है।
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इस बार उपाध्याय परिवार में ही कलह हो गई है तो ग्रामीणों को लग रहा है कि प्रधान पद के लिए चुनाव होगा। ग्राम पंचायत बमौली की कुल आबादी करीब 2600 है। मतदाता 1450 हैं। 2015 में हुए प्रधान पद के चुनाव में शिव कुमार उपाध्याय निर्विरोध चुने गए थे। उनसे पहले रीना देवी, हरिनारायण शर्मा, पुष्पा देवी और ओम प्रकाश उपाध्याय निर्विरोध प्रधान हुए थे। संवाद
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