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हाथरस : हनी ट्रैपिंग के शिकार हो रहे नौजवान

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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सोशल मीडिया पर एक शातिर गिरोह सक्रिय हो गया है, जोकि हनी ट्रैपिंग के जरिये नौजवानों को शिकार बना रहा है। ऐसे मामले पुलिस की साइबर सेल के पास पहुंच रहे हैं। साइबर सेल द्वारा युवाओं को सावधान किया जा रहा है। साइबर सेल की टीम इन मामलों की छानबीन में भी जुटी है।
बताते हैं कि यह शातिर लोग देर रात को अनजान नंबर से लोगों को व्हाट्स एप या फेसबुक पर कॉलिंग करते हैं। दूसरी तरफ से एक महिला मीठी-मीठी बातें करना शुरू कर देती है। यह बातें धीरे-धीरे अश्लील वार्तालाप में बदल जाती हैं। तीन-चार बार बात करने के बाद इस व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो व फोटो डाल दी जाती हैं, जिसमें शातिर व्यक्ति की गंदी और अश्लील फोटो व वीडियो होते हैं।
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ऐसे शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल
ब्लैकमेल करने का सिलसिला अश्लील वीडियो डालने के बाद शुरू होता है। लोगों को धमकाकर व ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जाती है। रुपये पेटीएम से भेजने के लिए कहा जाता है, अन्यथा की स्थिति में वीडियो व फोटो को संबंधित व्यक्ति के दोस्तों और शहर में वायरल कर देने की धमकी दी जाती है। कुछ लोग इस गिरोह के शिकार भी हो चुके हैं। ऐसी शिकायतें साइबर सेल में भी पहुंच रही हैं।
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ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को दें सूचना
साइबर सेल एक्सपर्ट एसआई सुबोध मान ने बताया कि शहर में इस तरह की हनी ट्रैपिंग की गतिविधि अचानक बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से आए हुए व्हाट्स एप, फेसबुक कॉल को न उठाएं। सावधान रहें और सजग रहें। इस गिरोह का लक्ष्य 18 से 20 वर्ष के नौजवान हैं। इस प्रकार का मामला सामने आने पर पुलिस को तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसे लोगों को पकड़ा जा सके।
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