न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना से बचाव के टीकाकरण को लेकर हाथरस डिपो के अधिकारी बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। जिले में अब तक 108 कर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई है। अभी और कर्मियों को टीका लगना बाकी है। खास बात यह है कि बिना टीकाकरण के कर्मी रोडवेज बसों को लेकर मार्ग पर नहीं जाएंगे। डिपो के अधिकारी यह कह रहे हैं कि कर्मियों की खुद की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुरक्षा वर्तमान में बेहद जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में 84 बसें हैं। इन बसों के संचालन में करीब 300 कर्मी लगे हुए हैं। प्रदेश से सटे राज्यों में संक्रमण के चलते यूपी की बसों का संचालन पूरी बंद है। डिपो के अभी तक 100 से अधिक कर्मियों को ही टीका लगा है। डिपो में बीते दो माह में चार से पांच कर्मियों की मौत हुई है। इनका मुख्यालय स्तर पर डेटा भी मांगा गया है। चालक-परिचालक बसों को लेकर विभिन्न जिलों में जाते हैं।
जिन कर्मियों के अभी वैक्सीन की पहली डोज नहीं लगी है, वह मार्ग पर बस लेकर नहीं जाएंगे। हाल ही में यह आदेश भी हुआ है कि बिना टीकाकरण के प्रमाणपत्र के वेतन भी नहीं मिलेगा। एआरएम शशी रानी का कहना है कि जिन कर्मियों को वैक्सीन नहीं लगी है, उन्हें मार्ग पर भी नहीं भेजा जाएगा। खुद की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी जरूरी है।