यमुना एक्सप्रेस वे के सहारे अरबन सेंटर बनाने की योजना ने हाथरस के आसपास विकास की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। अगर यह योजना साकार हुई तो हाथरस भी विकास के मामले में नोएडा से कदमताल करता नजर आएगा। हाथरस में न केवल औद्योगिक विकास के लिए माहौल बनेगा, बल्कि यहां हाईटेक आवासीय ढांचा भी तैयार होगा।
मतलब, अच्छी रिहायश की खातिर हाथरस वालों का दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और एनसीआर के दूसरे शहरों की तरफ पलायन भी रुकेगा। यही नहीं प्रस्तावित अरबन सेंटरों की वजह से यहां के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा भी मिल सकेगी।
हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि प्रस्तावित टाउनशिप कहां बनेगी और किस ब्लॉक के कितने गांव इस योजना से प्रभावित होंगे। गौरतलब कि है कि यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस योजना के लिए आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और हाथरस जिलों के कुल 955 गांवों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इनमें से 112 गैर आबाद गांव हैं। शुरुआत में टाउनशिप बनाने के लिए 105 गांवों की जमीन ली जाएगी।