सुबह हाथरस शहर से लेकर देहात तक कोहरे की चादर तन गई। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सड़क पर फर्राटा भरने वाले वाहन रेंग-रेंग कर चले। दोपहर में जाकर सूरज निकला, जिससे ठंड में कुछ राहत मिली।
हाथरस में 11 जनवरी की सुबह शहर से लेकर देहात तक कोहरे की चादर तन गई। पहाड़ों पर बर्फबारी से यहां गलन से लोगों का हाल बेहाल हो गया। दोपहर को धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली। इसके बावजूद ठंडी हवाओं से लोगों को ठिठुरन महसूस होती रही। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री व अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया।
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सुबह शहर से लेकर देहात तक कोहरे की चादर तन गई। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सड़क पर फर्राटा भरने वाले वाहन रेंग-रेंग कर चले। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों ने हेड लाइट का सहारा लिया। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में गलन बढ़ गई। गलन भरी ठंड से जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह जगने पर रजाई छोड़ने के बावजूद लोग ऊनी कपड़ों लादे रहे। लोगों ने ठंड से बचने के अलावों का सहारा लिया।
ठंड के कारण लोगों ने निर्धारित समय से देरी से अपनी दिनचर्या शुरू की। तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान चार डिग्री व अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर को सूर्य देव ने दर्शन दिए तो लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। हालांकि ठंडी हवाओं के कारण लोगों को ठंड का एहसास होता रहा। शाम होते-होते मौसम में नमी बढ़ गई। अंधेरा होते ही लोग अपने-अपने घरों को निकल गए।