न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना कर्फ्यू के चलते रविवार को भी बाजारों मेें पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सुबह जरूर सुबह सात से 11 बजे तक कर्फ्यू में छूट के दौरान दूध, फल, सब्जी, किराना और दवा जैसी जरूरी चीजें खरीदने के लिए लोग बाहर निकले। सुबह 11 बजे के बाद फिर सभी बाजार सन्नाटे में डूब गए और सड़कों पर हर तरफ खामोशी छाई रही। सिर्फ इक्का-दुक्का लोग ही जरूरी कामों के लिए सड़कों पर आते-जाते दिखाई दिए। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या न के बराबर रही।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए पूरे प्रदेश के साथ जिले में भी कोरोना कर्फ्यू लागू है। कर्फ्यू के दौरान सिर्फ चार घंटे के लिए सड़कों पर चहल-पहल दिखती है। सुबह सात से 11 बजे तक की छूट में लोग रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी सामान जुटाने के लिए घरों से बाहर आते हैं और सुबह 11 बजते ही फिर घरों में कैद हो जाते हैं।
इसके बाद हर तरफ सन्नाटा होता है और सिर्फ पुलिस की टीमें गश्त करती नजर आती हैं। पिछले कई दिनों से शहरवासियों के लिए यह नजारा आम हो चुका है। ट्रेन और बसों में यात्रियों की संख्या न के बराबर है। रविवार को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन से निकली मथुरा से कासगंज जाने वाली ट्रेन में यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। रोडवेज बस स्टैंड भी बसें यात्रियों के इंतजार में खाली खड़ी रहीं।