न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के बाद स्कूलों का संचालन फिर शुरू हो गया है। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले कई अनफिट वाहन सड़कों पर घूम रहे हैं। इस कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। चेकिंग में यह सामने आया है कि जिले में 29 वाहन अनफिट हैं। यह मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं।
जिले में काफी ऐसे वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिनकी वजह से बच्चों की जान खतरे में रहती है। ई रिक्शा, मारुति वैन से भी स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर भेजा जा रहा है। खेदजनक पहलू यह है कि जब कोई हादसा हो जाता है तो स्कूल संचालक यह कहकर पीछे हट जाते हैं कि उनका इस वाहन से कोई मतलब नहीं है। स्थानीय प्रशासन भी इस पर कोई ध्यान नहीं देता।
अनफिट वाहन मालिकों को दे चुके हैं नोटिस
हाथरस। पिछले दिनों 182 स्कूली वाहनों को मानक की कसौटी पर परखा गया था। 153 वाहन नियमों पर खरे उतरे। इन वाहनों में बच्चों के बैठने की सीट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र आदि लगे हुए थे। 29 वाहन जांच में अनफिट मिले थे। इन वाहन स्वामियों को एआरटीओ प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि नोटिस की नियत अवधि में वाहनों की दशा नहीं सुधारते हैं और सड़कों पर दौड़ते मिले तो इन्हें संबधित थाने में बंद कराया जाएगा। संवाद
अनफिट वाहन यदि सड़क पर दौड़ते मिले तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक यह देख लें कि वह बच्चों को जिन वाहनों में स्कूल भेज रहे हैं, वह कैसी स्थिति में है। वाहन जर्जर हालत में तो नहीं है। वाहन पर संबधित स्कूल के प्रधानाचार्य का फोन नंबर अंकित है या नहीं। आपातकालीन खिड़की आदि का इंतजाम है या नही। वैसे विभाग ऐसे वाहनों पर लगातार नजर रखने के साथ कार्रवाई भी कर रहा है। ऐसे वाहनों की सूचना विभाग को भी दें।
-नीतू सिंह, एआरटीओ प्रशासन