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हाथरस : हसायन और सहपऊ के दो वृक्ष विरासत में शामिल

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हाथरस : गांव अंडौली स्थित विरासत वृक्ष। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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100 साल या उससे पुराने वृक्षों को शासन विरासत वृक्षों की सूची में शामिल कर रहा है। जिले के भी दो वृक्ष विरासत वृक्ष में शामिल होंगे। अधिकारी इन पर नजर रखेंगे और इनका पर्यटन विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि साल-दर-साल सरकार द्वारा पौधरोपण को बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष जिले में करीब 25 लाख पौधों का रोपण किया गया है। नये पौधों को लगाने के साथ पुराने वृक्षों को सरकार द्वारा सहजने की तैयारी की जा रही है। शासन स्तर से बीते महीने 100 साल या उससे अधिक पुराने वृक्षों की सूची मांगी गई। वन विभाग केक अफसरों ने मुरसान, सादाबाद, हसायन और सिकंदराराऊ आदि क्षेत्रों के पांच वृक्षों की सूची शासन को भेजी।
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पांच में से दो वृक्ष विरासत के मानकों पर खरे उतरे हैं। हसायन के गांव अंडौली में एक बरगद व सहपऊ के गांव बाबली में पीपल के वृक्ष शामिल हैं। अब सरकार द्वारा इन स्थलों का सौंदर्यीकरण कराने की तैयारी शुरू की जाएगी। लोग इन वृक्षों का इतिहास भी जानेंगे। इस मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी एसआर ओझा का कहना है कि विरासत में शामिल करने के लिए पांच पौधों की सूची भेजी गई थी, जिसमें सादाबाद व हसायन का एक-एक वृक्ष शामिल हो गया है। संवाद
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