न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के बाद बृहस्पतिवार को जब पहली बार पैसेंजर ट्रेनों का संचालन हुआ तो शहर के मध्य बनी क्रासिंग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जाम की वजह से सुबह से शाम तक लोगों ने परेशानियां झेलीं।
एक तो वैसे ही शहर के लोगों की दिनचर्या में जाम शामिल हो गया है। रही सही कसर पैसेंजर ट्रेनों ने पूरी कर दी। बृहस्पतिवार को सुबह दोपहर व शाम में पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के दौरान तालाब चौराहा रेलवे क्रासिंग, बिजली कॉटन मिल, इगलास अड्डा सासनी गेट आदि क्रासिंग पर फाटक बंद होने के कारण जाम लगा। जाम के कारण लोगों को गंतव्य तक की दूरी तय करने में खासी मुश्किलों से जूझना पड़ा। इस दौरान यातायात कर्मियों को यातायात सुचारु करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ा।
- रेलवे प्रशासन ने किराए में तीन गुना बढ़ोत्तरी कर दी है। इससे जेब पर बोझ पड़ा है। कोरोना काल के बाद पहली ट्रेन से मथुरा जा रहे हैं। - किशोरी रमन, यात्री।
- रेलवे प्रशासन ने पैसेंजर ट्रेन चलाकर काफी अच्छा फैसला लिया है। हालांकि, इसमें मध्यम वर्ग का ध्यान नहीं रखा गया। किराए में वृद्धि होने से यात्रियों की संख्या में कमी आई है। - जीतू वर्मा, यात्री।
- रेलवे प्रशासन ने मथुरा कासगंज के अलावा अछनेरा तक ट्रेन का संचालन किया है। यह काफी अच्छी बात है। किराया बढ़ाकर यात्रियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। - मनीष, यात्री।
- पैसेंजर ट्रेनों के चलने से गंतव्य की दूरी तय करने में लोगों को काफी आसानी होगी। किराए की दरों को रेलवे प्रशासन कम करें। - राम सिंह, यात्री।