हाथरस : मशीन पर काम करता गारमेंट्स कारीगर। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के रेडीमेड गारमेंट्स उद्यमियों को आशा है कि आने वाली सरकार यहां ऐसा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगी, जिससे कि यहां के कारीगरों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान मिलेगा। साथ ही उद्योग को बढ़ावा देने के लिए परिवहन व्यवस्था भी दुरुस्त होगी।
हाथरस का रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग उत्तर प्रदेश सहित कई प्रांतों में खासी पहचान बना चुका है। हाल ही में सरकार ने रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को एक जिला एक उत्पाद की सूची में शामिल कर लिया है। शहर में पांच दर्जन से अधिक इकाइयां संचालित है। इन इकाइयों में करीब 1500 कारीगर काम करते हैं। कोरोना काल में इस उद्योग को काफी नुकसान पहुंचा है। रेडीमेड गारमेंट्स कारोबारियों को नई सरकार से उम्मीद है कि यहां कारीगरों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। प्रशिक्षण केंद्र पर नई-नई टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा। यहां ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था बेहतर होगी और माल को भेजने व कच्चा माल मंगाने में सहूलियत होगी। संवाद
- यहां के रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग ने अन्य प्रदेशों में खासी पहचान बनाई है। जो भी सरकार आए वह एक प्रशिक्षण केंद्र बनवाए और यहां ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त किया जाए। ताकि माल के भेजने में सुगमता हो। राजेश अग्रवाल, रेडीमेड गारमेंट्स करोबारी।
- रेडीमेड गारमेंट्स को सरकार ने एक जिला एक उत्पाद में शामिल कर दिया है लेकिन अभी तक इस पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। इस उद्योग को बढ़ाने के लिए अलग रेडीमेड गारमेंट्स नगरी बनाया जाए। कारीगरों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए। - सुनील अग्रवाल
- हींग के बाद अब रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल हो गया है। ओडीओपी में शामिल करने के बाद इस कारोबार को पंख लगाने के लिए नई सरकार को बेहतर कदम उठाने की जरूरत है। नए उद्यमियों को व्यापार में सुगमता प्रदान की जाए। - सुनीत कुमार गर्ग