हाथरस। जिले वासियों को बिजली आपूर्ति में व्यवधान के झंझट से आने वाले दिनों में काफी राहत मिलेगी। जिले में हाथरस शहर, सादाबाद और सासनी में 33/11 केवीए के तीन नये बिजलीघर जल्द बनाए जाएंगे। रिवेंप योजना से बिजली सुधार के लिए होने वाले इन कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनकर तैयार हो गई है। माना जा रहा है कि अप्रैल माह में काम की शुरुआत हो जाएगी। इन बिजलीघरों में पांच एमबीए के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जिन जगहों पर यह बिजलीघर बनाए जाएंगे, उनके आसपास के इलाकों में ओवरलोडिंग की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और लोगों को बेहतर आपूर्ति मिल सकेगी।
वर्तमान में जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाती है। सौभाग्य योजना में जिले में करीब 10 हजार बिजली उपभोक्ताओ की संख्या में इजाफा हो गया है, लेकिन उसके सापेक्ष न तो पुराने बिजलीघरों का लोड बढ़ा है और न हीं नये बिजलीघर बने हैं, जबकि बिजली चोरी भी बरकरार है। इस कारण आए-दिन लाइनों में फाल्ट होते हैं और लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने रिवेंप योजना के तहत सात बिजलीघरों का प्रस्ताव तैयार कर पावर कॉरपोरेशन मुख्यालय को भेजा था। इनमें से तीन नये बिजलीघर बनाने की सहमति मिल गई है। एक बिजलीघर शहर के मेंडू रोड पर पुलिस लाइन के निकट बनेगा, जबकि दूसरा गांव बरसै में बनेगा। तीसरा बिजलीघर सादाबाद के गांव जटोई में बनेगा। इसकी डीपीआर तैयार हो गई है। अप्रैल तक इसको विधिवत मंजूरी मिल जाएगी। संवाद
बिजली चोरी पर अंकुश लगाने की है शर्त
हाथरस। रिवेंप योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने की है। योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए शर्त यह है कि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के साथ लाइन हानियों का आंकड़ा एक अंक में लाना होगा, जबकि वर्तमान में शहर में 34 प्रतिशत व देहात में 60 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। संवाद