न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूक्रेन व रूस के बीच शुरू हुए युद्ध से बाजार में उथल-पुथल का माहौल बनना शुरू हो गया है। युद्ध की वजह से रिफाइंड के दामों 100 से 200 रुपये प्रति टिन की बढ़ोतरी हुई है। इस कारण होली के त्योहार व सहालग के सीजन में आमजन की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। युद्ध को लेकर कारोबारी भी खासे चिंतित हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में रिफाइंड व अन्य खाद्य तेलों का आयात विदेशों से होता है। अब यूक्रेन व रूस के बीच शुरू हुए युद्ध की चर्चा आमजन से लेकर कारोबारियों तक की जुबां पर है। कारोबारी इस युद्ध से चिंतित है। कारोबारी कह रहे हैं यदि युद्ध बढ़ा तो खाद्य तेलों के दामों में और इजाफा हो जाएगा। पहले अफगानिस्तान के हालत बिगड़े तो हींग के दामों में इजाफा हो गया था।
रिफाइंड के दामों में शुक्रवार को 100 से 200 रुपये प्रति टिन की बढ़ोतरी हो गई है। इससे आमजन पर महंगाई का भार बढ़ गया है। इसके अलावा यदि पेट्रोल, डीजल भी महंगा हुआ तो महंगाई और बढ़ना तय है। संवाद
रिफाइंड विदेश से आता है। इस कारण रिफाइंड के दामों में 100 रुपये प्रति टिन की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में युद्ध को लेकर उथल-पुथल का माहौल है।
-अनिल वार्ष्णेय तेल कारोबारी।
रिफाइंड व डालडा के दामों में 100 से 150 रुपये टिन की वृद्धि हुई है। सभी देशों की सरकारें युद्ध को थामने के लिए प्रयास करें, ताकि विनाश रुक सके। - प्रमोद वार्ष्णेय तेल कारोबारी।