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हाथरस : बेइज्जती का बदला देने के लिए रची व्यापारी के अपहरण की कहानी

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हाथरस : पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर अपहरण की वारदात का खुलासा करते एसपी। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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एसओजी टीम व थाना सिकंदराराऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद चार शातिर अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इनका साथ देने के आरोप में एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अभियुक्त पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने तमंचा-कारतूस व घटना में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन व स्विफ्ट डिजायर कार को भी बरामद किया है। पूछताछ में यह बात निकलकर आई कि गिरफ्तार बदमाशों में से एक बदमाश व्यापारी को पहले से जानता था और उसने ही अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए व्यापारी के अपहरण की कहानी रची, लेकिन पुलिस के दबाव चलते व्यापारी को छोड़ना पड़ा। इस पूरे मामले का पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने खुलासा किया।
पुरदिलनगर के मोहल्ला जलेसरी गेट निवासी वीरेश गुप्ता का 23 सितंबर 2021 को बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। इसकी जानकारी के बाद पुलिस ने वीरेश की बेटी करिश्मा की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। करिश्मा ने बताया था कि उसके पिता वीरेश गुप्ता दुकान से घर वापस नहीं आए और देर रात्रि में उनके पिता के फोन से किसी अंजान व्यक्ति द्वारा उन्हें फोन कर बताया गया कि उसके पापा दुर्घटना का एक्सीडेंट हो गया है, जो हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इसके उपरांत 24 सितंबर 2021 को सुबह पापा के फोन से कॉल आई और बताया गया कि उसके पापा का अपहरण हो गया है। उनको छोड़ने के एवज में पैसे की मांग की गई। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई।
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घटना को गंभीरता से लेते हुए अपहृत को सकुशल बरामद करने और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया। एसओजी व सर्विलांस सेल को भी लगाया गया। इसके बाद अपहृत की सकुशल बरामदगी के लिए टीमों ने संभावित स्थानों पर दबिश दी और संदिग्धों से पूछताछ की। परिणामस्वरूप अपहरणकर्ताओं द्वारा दबाव के चलते पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अपहृत वीरेश गुप्ता को 25 सितंबर 2021 की सुबह मुक्त कर दिया गया।
चार अक्तूबर 2021 की देर रात्रि एसओजी टीम व थाना सिकंदराराऊ पुलिस की बदमाशों से बरामई रोड खंडहर भवन के पास मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने शातिर बदमाश अभिमन्यु उर्फ मन्नु पुत्र रामखिलौनी निवासी मोहल्ला अहीरान थाना हसायन, अमित कुमार उर्फ दिनेश पुत्र भगवान सिंह निवासी गडी बुंदू खां सिकंदराराऊ, ललित कुमार ठाकुर पुत्र देवेंद्र निवासी गांव कानऊ हसायन, चंद्रमोहन प्रजापति पुत्र रामस्वरूप निवासी मोहल्ला बिजलीघर थाना हसायन हाल निवासी मोहल्ला ललिता गेट पुरदिलनगर को गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा पुलिस ने इनकी सहयोगी सरोज पत्नी ऊधों उर्फ ऊधम सिंह निवासी मोहल्ला अहेरियान थाना हसायन हाल निवासी गांव नावली सिकंदराराऊ को गिरफ्तार किया है।
यह हुआ बदमाशों से बरामद
बदमाशों के कब्जे से दो तमंचा 315 बोर व तीन जिंदा व दो खोखा कारतूस, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार संख्या यूपी 86 एएफ-6288 बरामद की गई है।
ऐसे दिया अपहरण की घटना को अंजाम
गिरफ्तार अभियुक्त चंद्रमोहन प्रजापति पुत्र रामस्वरूप निवासी मोहल्ला ललिता गेट पुरदिलनगर थाना सिकंदराराऊ पुरदिलनगर में चूड़ी बेचने का कार्य करता है। अपहृत वीरेश गुप्ता से करीब चार-पांच साल से अच्छी जान-पहचान है। गिरफ्तार अभियुक्त चंद्रमोहन द्वारा अपहृत वीरेश गुप्ता से करीब 8-10 किलो बाजरा उधार मांगा था, जिसे देने से अपहृत वीरेश गुप्ता ने मना कर दिया। घटना से कुछ दिन पहले अपहृत वीरेश गुप्ता द्वारा चंद्रमोहन से अपने उधार के पैसे मांगे गए। इसे लेकर अपहृत वीरेश गुप्ता ने चंद्रमोहन प्रजापति की बेइज्जती कर दी थी। तभी से अभियुक्त चंद्रमोहन प्रजापति रंजिश मानने लगा। इस बात से क्षुब्ध होकर चंद्रमोहन ने सहअभियुक्तों के साथ मिलकर व्यापारी के अपहरण की योजना बनाई और बताया कि पुरदिलनगर में वीरेश गुप्ता नाम का लाला है। अगर इसकी पकड़ कर लें तो बहुत पैसा मिल सकता है। इसके बाद बदमाशों ने चंद्रमोहन प्रजापति के सहयोग से रैकी कर अपहरण करने की पूरी योजना बनाई। 23 सितंबर 2021 की शाम को अभियुक्त अभिमन्यु उर्फ मन्नु यादव व ललित कुमार ठाकुर द्वारा पहले से जानकारी कर रखी थी कि अपहृत वीरेश कुमार पेट्रोल भी बेचता है। दोनों अभियुक्तों ने वीरेश गुप्ता की दुकान पर जाकर बाइक का पेट्रोल खत्म होने का बहाना कर पेट्रोल मांगा। वीरेश द्वारा दुकान पर पेट्रोल न होने की बात कही गई।
इसके बाद बदमाशों ने उसे पैसों का लालच देकर कहा कि आप हमको पेट्रोल लेकर दे दो, हमसे ज्यादा पैसे ले लीजिये। वीरेश पेट्रोल लेने के लिए पेट्रोल पंप गया। वहां से लौटते समय बदमाशों ने मौका पाकर सुनसान जगह पर वीरेश गुप्ता का अपहरण कर स्विफ्ट डिजायर कार में डाल कर जलेसर ले गए और जगह बदल-बदलकर उसको बंधक बनाकर रखा। वहां गिरफ्तार महिला (सहभियुक्त) द्वारा भी इनकी मदद की गई। पुलिस की सक्रियता को देखते हुए और कार्रवाई से बचने के लिये वीरेश गुप्ता को बदमाशों ने 25 सितंबर की सुबह ही छोड़ दिया गया। छोड़ते समय धमकी दी गई कि घर जाकर हमको पैसे दे देना, अन्यथा तुझको जान से मार देंगे।
एसपी ने पुलिस टीम को दिया 25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक द्वारा सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को उनके उत्साहवर्धन के लिए 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया गया है। एसपी ने बताया कि जल्द ही बाकी दो अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रवेश राणा प्रभारी निरीक्षक थाना सिकंदराराऊ, गिरीशचंद्र प्रभारी निरीक्षक एसओजी, एसआई रितेश कुमार सर्विलांस प्रभारी, एसआई संतोष कुमार, एचसी प्रेमनाथ, राकेश कुमार, जवाहर लाल, पवनेश कुमार, चंद्रपाल सिंह, चेतन राजौरा, जोगिंदर सिंह, सोनवीर सिंह, विजय बहादुर, उमाशंकर शामिल थे।
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नहीं मिली पुलिसकर्मी की मैग्जीन
जानकारी मिली थी कि इस कार्रवाई के दौरान एक पुलिस कर्मी की बंदूक की मैग्जीन गिर गई थी, जोकि मिली नहीं। इसको लेकर एसपी ने बताया कि इस मामले की जानकारी कराई जाएगी। बड़ी बात तो यह है कि अपहरण करने वाले चार बदमाशों सहित उनकी सहयोग एक महिला को गिफ्तार कर लिया गया है। संवाद
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