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हाथरस : सड़कें जर्जर, पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं

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तरफरा में कच्चा रास्ता व रास्ते पर अवैध अतिक्रमण। संवाद - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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शहर से सटे गांव तरफरा में सड़कें जर्जर हालत में है। पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। गांव में बैंक होने के बाद कामकाज का धीमी गति से चल रहा है। शहर में शामिल होने के बाद आज भी सब कुछ पुराने ढर्रे पर चल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग मुश्किलों से जूझ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि दो साल पहले शहर का क्षेत्रफल आठ सौ हेक्टेयर था। अब पालिका से शहर से सटे तीस गांवों को पालिका में जोड़ दिया गया है। दो साल बाद गांवों में विकास का पहिया रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। गांव की बदहाल गलियां, पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने लोगों को मुश्किल में डाल रहा है। शहर से सटे गांव तरफरा में पुलिया आदि का निर्माण नहीं हो रहा है।
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इस कारण पानी सड़कों पर हिलोरे मारता है। इसके अलावा शहर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बदहाल हालत में है। साथ ही गांव की सड़कें जर्जर हालत में है। इस कारण लोगों राह तय करने में भी काफी कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। जब से गांव शहर में शामिल हुआ तब से हालांकि गांव में प्रकाश की व्यवस्था हो गई है। साफ सफाई का कार्य भी होना शुरू हो गया है।
- गांव में पुलिया निर्माण हो जाए तो काफी हद तक जल निकासी सामान्य हो जाएगी। शहर में गांव शामिल होने के बाद भी अभी तक विकास का पहिया रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -गुपोल शर्मा
- शहर से गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बदहाल हालत में है। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करने में खासी दिक्कतें हो रही है। दो साल बाद भी गांवा में अभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। - जहांगीर खान
- गांव के निकट कुछ फैक्टरियां खुल गई है। फैक्टरी वालों ने मार्ग पर अतिक्रमण कर रखा है। गांव में लाइट व सफाई का काम हुआ है। इसके अलावा पालिका अभी तक कोई अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाई है। - फैजुल खान।
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- तरफरा गांव की आबादी काफी है। इस हिसाब से यहां बैंक भी बने हैं। लेकिन, बैंक में काम काफी धीमी गति से होता है। इसके अलावा गांव में पुलिया नहीं बनी है। मार्ग भी जर्जर हालत में है। पालिका को दो साल बाद विकास पर ध्यान देना चाहिए। - एमपी भारद्वाज।
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