संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
कस्बा पुरदिलनगर के मोहल्ला गड्ढा निवासी विवाहिता का शव बुधवार को उसके पिता के अनुरोध पर पोस्टमार्टम के लिए नहीं निकाला जा सका। पिता ने सीओ को लिखकर दिया कि वह अपनी पुत्र का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हैं। वह बिना पोस्टमार्टम के उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं। सीओ सुरेंद्र सिेंह का कहना है कि कानून के आधार पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि कस्बे के मोहल्ला गड्ढा निवासी नगमा पुत्री मुऊद्दीन की शादी कस्बा निवासी एक युवक से दो वर्ष पूर्व हुई थी। गत छह मई को नगमा की मौत हो गई। छह जून को नगमा के पिता की तहरीर पर पति आदिल पुत्र मुवीन खां समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
रिपोर्ट में दहेज में कार मांगने का आरोप लगाया गया था। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मैयत के समय ही उन्हें धमका दिया गया था। चूंकि मामला दहेज हत्या का था, इसलिए शव का पोस्टमार्टम होना कानूनी रूप से आवश्यक था। शव को दफना दिया गया था।
सीओ ने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने के आदेश करा लिए। बुधवार को शव को कब्र से निकालने की पूरी तैयारी कोतवाली पुलिस ने कर ली थी। मंगलवार की शाम को मृतका के पिता मुऊनउद्दीन सीओ के पास पहुंचे और लिखकर दिया कि वह अपनी पुत्री का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी वजह से शव को कब्र से निकलवाने का इरादा टाल दिया गया।